Haryana Dhakad Tau: 401 medals and over 300 certificates at the age of 75, his name is listed in the record books.-m.khaskhabar.com
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हरियाणा के 'धाकड़ ताऊ': 75 साल की उम्र में 401 मेडल और 300 से ज्यादा सर्टिफिकेट्स, रिकॉर्ड्स बुक में दर्ज है नाम

khaskhabar.com: सोमवार, 17 अगस्त 2026 4:53 PM (IST)
हरियाणा के 'धाकड़ ताऊ': 75 साल की उम्र में 401 मेडल और 300 से ज्यादा सर्टिफिकेट्स, रिकॉर्ड्स बुक में दर्ज है नाम
चरखी-दादरी । हरियाणा स्थित चरखी-दादरी के रहने वाले रामकिशन शर्मा के नाम एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा मेडल और सर्टिफिकेट जीतने का रिकॉर्ड है, जिन्होंने 2016 से 2025 के बीच राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में 401 मेडल और 336 सर्टिफिकेट अपने नाम किए हैं। 5 मई 1950 को जन्मे रामकिशन शर्मा ने 65 साल की उम्र में 'मास्टर एथलेटिक्स गेम्स' की शुरुआत की थी। आज उनका 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज है। हरियाणा के 'धाकड़ ताऊ' ने 25 दिसंबर 2016 से मास्टर एथलेटिक्स गेम्स में हिस्सा लेना शुरू किया था, जो 30 या 35 वर्ष और उससे अधिक आयु के एथलीट्स के लिए आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं की एक श्रेणी है। इसे 'वेटरन एथलेटिक्स' भी कहा जाता है। करीब 10 वर्षों में रामकिशन शर्मा ने ये उपलब्धि हासिल कर ली।
रामकिशन 100 मीटर दौड़, 200 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़, 800 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, हर्डल और ट्रिपल जंप जैसे इवेंट्स में हिस्सा लेते हैं। उनके पास राष्ट्रीय स्तर पर 162 गोल्ड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10 गोल्ड मेडल हैं। इनके अलावा, 98 गोल्ड राज्य स्तर पर भी जीते हैं। रामकिशन 27 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम कर चुके हैं।
कोरोना काल में रामकिशन ने आर्य समाज की टीम के साथ, घर-घर जाकर सरकारी/गैर-सरकारी इमारतों में मास्क और राशन वितरण किया था, उनके पास कोरोना योद्धा के तौर पर 40 सर्टिफिकेट भी हैं। आज बतौर 'कोरोना योद्धा' उनका नाम 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड' में दर्ज है।
रामकिशन 30-35 साल से नशा मुक्ति अभियान में जुड़े हैं, जिन्हें करीब 40 गांवों से सम्मान पत्र मिले हैं। रामकिशन 75 साल की उम्र में भी फिटनेस के मामले में युवाओं को मात दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, "आज का युवा नशे की गिरफ्त में है, वो बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, शराब के आदि हैं। नशे से उनकी जिंदगी खराब हो रही है। नशा नाश की जड़ है। मैं उनसे अपील करता हूं कि नशे से बचें और सुबह 4 बजे बिस्तर छोड़ दें। मैदान पर जाएं और प्रैक्टिस करें, योगा करें।"
--आईएएनएस

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