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दयानंद विद्यालय को शाहपुरा का पहला ई लर्निंग स्कूल बनाया जायेगा : संजय डांगी

मुख्य अतिथि डांगी ने स्कूल के अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि 40 वर्ष पूर्व मुंबई अध्ययन के लिए चले गये थे आज स्कूल आकर बचपन याद आ गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्व छात्रों का नैतिक दायित्व है कि वो जहां भी जिस मुकाम पर काम कर रहे है अपने इस विद्यालय को पल्लिवत करने का पूरा प्रयास करें। उन्होंने ई लर्निंग साफ्टवेयर आधारित शिक्षण को बेहतरीन बताते हुए कहा कि आज के दौर में यह जरूरी है। इसके अलावा भौतिक रूप् से जो भी जरूरत होगी वो पूरा कराने का प्रयास करेगें। विशिष्ट अतिथि इसी विद्यालय के छात्र आरपीएस मुकेश चैधरी ने कहा कि यहां के संस्कारों के कारण ही आज उन्होंने मुकाम हासिंल किया है। उन्होंने आज के दोर में नैतिक मूल्यों, स्व अनुशासन पर जोर देते हुए स्वामी दयानंद के आदर्शो व गायत्री मंत्र की उपादेयता को आत्मसात करने का आव्हान किया।
विद्यालय प्रबंध समिति के संरक्षक ठा. जयसिंह ने सभी का स्वागत करते हुए विद्यालय की स्थापना से लेकर आज तक के उतार चढ़ाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस विद्यालय का रिनोवशन कराया गया है। यहां के कुछ विद्यार्थियों के उनके होटल में आने वाले विदेशी सैलानी गोद लेकर उनकी शिक्षण का सारा खर्च उठा रहे है। आज भी सैलानी मौजूद रहे है। उन्होंने शाहपुरा के जिला मुख्यालय बन जाने पर आर्य समाज की ओर से संचालित इस स्कूल को अत्याधुनिक बनाने में सभी से सहयोग का आव्हान किया।
समारोह में आर्य समाज भीलवाड़ा के प्रधान व राजस्थान क्षेत्र के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकिशोर मोदी ने नकद आर्थिक सहयोग करते हुए कहा कि शाहपुरा में आर्य वीर दल का प्रशिक्षण शिविर लगाने पर 50 हजार रू तथा स्वामी दयानंद सरस्वती की स्मृति में कोई भवन बनाये जाने पर 3 लाख रू देने की घोषणा की।
विद्यालय के पूर्व छात्र परिषद के संयोजक नरेंद्र कुमार बेली ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए आर्य समाज शाहपुरा व दयानंद विद्यालय के बारे में रोचक किस्से सुनाते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। समारोह में दयानंद स्कूल के विद्यार्थियों न स्वामी दयानंद के शाहपुरा प्रवास के दौरान शाहपुरा के तत्कालीन राजाधिराज नाहरसिंह के मध्य हुए संवाद का एंकाकी, शाहपुरा के क्रांतिकारी प्रताप सिंह बारहठ व जेलर के मध्य हुए संवाद का नाटक, बाल विवाह व आर्य समाज के अलावा घूमर नृत्य, संस्कृत गीत, देशभक्ति गीत के अलावा कई अन्य आकर्षक प्रस्तुतियां दी। पूर्व छात्रा रही वर्तमान में शिक्षिका रेखा शर्मा ने आकर्षक गीत सुनाकर सभी को गुनगुनाने को मजबूर कर दिया। पूर्व छात्राओं ने कार्यक्रम में स्वागत गीत भी सुनाया।
समारोह में आर्य समाज भीलवाड़ा के प्रधान व राजस्थान क्षेत्र के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकिशोर मोदी, प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष रामस्वरूप काबरा, मंत्री हीरालाल आर्य, सीबीईओ द्वारका प्रसाद जोशी, गोपाल राजगुरू, उद्योगपति सुशिल डांगी, गौरव गालरिया, नवनीत सकलेचा, सहित शाहपुरा के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। हीरालाल आर्य व प्रधानाध्यापिका मिथलेश राठौड़ ने आभार जताया।
यह होगा ई लर्निंग स्कूल में
ई लर्निंग स्कूल में 24 गुणा 7 विद्यार्थियों को इसकी सेवाएं उपलब्ध होगी। ऐसा होने पर यह शाहपुरा का पहला विद्यालय होगा। वेरंडा मुख्य रूप से ऑनलाइन, ऑफलाइन हाइब्रिड और ऑफलाइन मिश्रित शिक्षण मॉडल के माध्यम से सेवाएं प्रदान करता है। इसके ऑफलाइन हाईब्रिड लर्निंग मॉडल में क्लासरूम टीचिंग शामिल है जो ऑनलाइन असेसमेंट के साथ सपोर्टेड है और रिकॉल और रिटेंशन को बढ़ाने के लिए सेल्फ-पेस्ड लर्निंग मटेरियल तक पहुंच है। वेरंडा मुख्य रूप से ऑनलाइन, ऑफलाइन हाइब्रिड और ऑफलाइन मिश्रित शिक्षण मॉडल के माध्यम से सेवाएं प्रदान करता है। इसके ऑफलाइन हाईब्रिड लर्निंग मॉडल में क्लासरूम टीचिंग शामिल है जो ऑनलाइन असेसमेंट के साथ सपोर्टेड है और रिकॉल और रिटेंशन को बढ़ाने के लिए सेल्फ-पेस्ड लर्निंग मटेरियल तक पहुंच है।
विद्यालय की खास बात, शिक्षण बिलकुल निशुल्क है
शाहपुरा में परमार्थिक शिक्षण संस्थानों में सबसे प्राचीन इस संस्था की स्थापना 2 जुलाई 1963 को शाहपुरा रियासत के नरेश स्वर्गीय सुदर्शन देव द्वारा नारी शिक्षा के उद्वार एवं सामाजिक सुधार की दृष्टि से किया गया था। राज परिवार ने ही विद्यालय का भवन आर्य समाज को भेंट किया था। यह विद्यालय वर्तमान में भी निशुल्क ही संचालित होता है। वर्तमान में 200 विद्यार्थी अध्ययनरत है। आर्थिक दृष्टि से पिछड़े, गरीब व बीपीएल परिवार के विद्यार्थियों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। यहां ड्रेस व सामग्री भी मुहैया करायी जाती है।
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