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शिक्षक अपने ज्ञान से विद्यार्थियों को बनाते है जिम्मेदार नागरिक: शिवरत्न गुप्ता

कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत हवन-यज्ञ के साथ हुआ, जिसमें महाविद्यालय प्रबंधन, प्राचार्या, प्राध्यापिकाओं एवं छात्राओं ने आहुति डालकर सुख-शांति, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की। हवन पश्चात अपना संबोधन देते हुए शिवरत्न गुप्ता ने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और जीवन की सही दिशा प्रदान करते हैं। वास्तव में राष्ट्र का भविष्य कक्षाओं में तैयार होता है और उस भविष्य को आकार देने वाला सबसे महत्वपूर्ण शिल्पकार शिक्षक ही होता है।
महाविद्यालय प्रबंध समिति के महासचिव अशोक बुवानीवाला ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक एवं शैक्षणिक मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। गुरु अपने ज्ञान और अनुभव से विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके संस्कार, ज्ञान तथा सोच को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व हमें प्रेम, सद्भाव, सत्य और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने कहा कि जन्माष्टमी हमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से कर्म, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि उन्होंने जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करने की सीख दी। उन्होंने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण करता है।
इस अवसर पर सुंदरलाल अग्रवाल, पवन केडिया, सुरेश दुरालिया, कमलेश चैधरी, जगत नारायण भारद्वाज, हरिश हालवासिया अधिवक्ता नीरज अग्रवाल, नरेश तंवर, राधेध्याम बुवानीवाला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय की दो प्राध्यापिकाओं डॉ. नूतन शर्मा एवं डॉ. सुचेता सोनी को उनके उत्कृष्ट शिक्षण एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के प्रति उनकी निरंतर सेवाओं एवं समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया।
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