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शिअद नेता ने सिख म्यूजियम के लिए पीएम मोदी का जताया आभार, बंदी सिखों की रिहाई की मांग

उन्होंने प्रधानमंत्री से कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। सबसे पहले उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब जाने का मार्ग बंद होने से देश-विदेश की सिख संगतों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और श्रद्धालु अपने पवित्र तीर्थ के दर्शन से वंचित हैं। गिल ने केंद्र सरकार से उन सिख कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करने की भी मांग की, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है लेकिन अब भी जेलों में बंद हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे बंदियों की रिहाई उनका कानूनी अधिकार है और सरकार को इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री पंजाब दौरे के दौरान बंदी सिखों की रिहाई की घोषणा करते हैं, तो इससे पंजाब के लोगों की भावनाओं को सम्मान मिलेगा और वर्षों से चले आ रहे दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
इसके अलावा, शिअद नेता ने पंजाब की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के दौर में पंजाब पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा था। उस समय लिया गया कर्ज समय के साथ ब्याज बढ़ने के कारण अब बहुत अधिक हो चुका है। आतंकवाद केवल पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा था और उस दौर में राज्य ने देश की रक्षा के लिए बड़ी कीमत चुकाई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि इस ऐतिहासिक और राष्ट्रीय संदर्भ को ध्यान में रखते हुए पंजाब के ऊपर चढ़े कर्ज़ को माफ करने पर विचार किया जाए। उनका कहना था कि इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को नई गति मिल सकेगी।
--आईएएनएस
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