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शिअद नेता ने सिख म्यूजियम के लिए पीएम मोदी का जताया आभार, बंदी सिखों की रिहाई की मांग

khaskhabar.com: शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 10:39 PM (IST)
शिअद नेता ने सिख म्यूजियम के लिए पीएम मोदी का जताया आभार, बंदी सिखों की रिहाई की मांग
मोगा। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के वाइस प्रेसिडेंट संजीत सिंह सनी गिल ने कुरुक्षेत्र में विकास परियोजनाओं और सिख म्यूजियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय सिख समुदाय के इतिहास, बलिदान और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोलने, सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करने और पंजाब पर बढ़ते कर्ज को माफ करने की अपील भी की। संजीत सिंह सनी गिल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने सिख समुदाय के इतिहास और बलिदानों को सम्मान देने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम की स्थापना की पहल की। यह संग्रहालय केवल सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। सिख गुरुओं और समुदाय ने देश और समाज की रक्षा के लिए जो बलिदान दिए हैं, उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है। उनका मानना है कि संग्रहालय के माध्यम से युवा सिख इतिहास, परंपराओं और देश के प्रति समुदाय के योगदान को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री से कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। सबसे पहले उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब जाने का मार्ग बंद होने से देश-विदेश की सिख संगतों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और श्रद्धालु अपने पवित्र तीर्थ के दर्शन से वंचित हैं। गिल ने केंद्र सरकार से उन सिख कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करने की भी मांग की, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है लेकिन अब भी जेलों में बंद हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे बंदियों की रिहाई उनका कानूनी अधिकार है और सरकार को इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री पंजाब दौरे के दौरान बंदी सिखों की रिहाई की घोषणा करते हैं, तो इससे पंजाब के लोगों की भावनाओं को सम्मान मिलेगा और वर्षों से चले आ रहे दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
इसके अलावा, शिअद नेता ने पंजाब की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के दौर में पंजाब पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा था। उस समय लिया गया कर्ज समय के साथ ब्याज बढ़ने के कारण अब बहुत अधिक हो चुका है। आतंकवाद केवल पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा था और उस दौर में राज्य ने देश की रक्षा के लिए बड़ी कीमत चुकाई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि इस ऐतिहासिक और राष्ट्रीय संदर्भ को ध्यान में रखते हुए पंजाब के ऊपर चढ़े कर्ज़ को माफ करने पर विचार किया जाए। उनका कहना था कि इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को नई गति मिल सकेगी।
--आईएएनएस

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