Advertisement
हरदोई में हर घर जल योजना से बदली कुइआ के ग्रामीणों की जिंदगी, पीएम मोदी का जताया आभार

स्थानीय निवासी मनोज ने बताया, "पहले हमारे यहां नल या कुएं से पानी भरा जाता था, जिससे हमें काफी दिक्कत होती थी लेकिन जब से पीएम मोदी ने जल जीवन मिशन शुरू किया है, तब से हमें काफी सहूलियत हुई है। महिलाओं को पानी उठाकर नहीं लाना पड़ता है। पीएम मोदी का धन्यवाद, वह बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं।"
एक अन्य ग्रामीण राम सहाय ने कहा, "जल जीवन मिशन से हमें काफी फायदा मिल रहा है। पहले कुएं से बाल्टी से रस्सी के जरिए खींच कर पानी निकालना पड़ता था, लेकिन अब जल जीवन मिशन से घर में पानी आ रहा है। दिन में तीन बार पानी आता है। इस योजना से बहुत सहूलियत हुई है।"
रंजित कुमार ने बताया, "जब से जल जीवन मिशन शुरू हुआ है, तब से घर में टोंटी से पानी आ रहा है। महिलाओं को पानी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता है। पानी की बहुत सुविधा हो गई है। इसके लिए पीएम मोदी का धन्यवाद।"
गांव की महिला रूबी देवी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "पहले पानी की बहुत दिक्कत होती थी, लेकिन जब से जल जीवन मिशन के तहत हमारे घर पर नल लगा है, सारी परेशानियां खत्म हो गई हैं। तीन टाइम पानी आता है। पीएम मोदी ने हमारे गांव की इतनी बड़ी समस्या को हल कर दिया है।"
शीतल नाम की युवती ने बताया, "पहले पानी भरने के लिए हैंडपंप चलाना पड़ता था, लेकिन अब टोंटी लग गई है, जिससे हम लोगों को काफी आराम मिला है। इसके लिए पीएम मोदी का धन्यवाद।"
वहीं, गांव के प्रधान मेवाराम राठौर ने बताया कि उनके गांव की आबादी लगभग 3000 है और हर घर में जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन किया गया है।
प्रधान ने बताया, "पहले हम सब लोग नलों और कुओं से पानी पीते थे। कम नल होने की वजह से काफी भीड़-भाड़ रहती थी। पानी दूषित भी था। अब जल जीवन मिशन के अंतर्गत हमारी सरकार, पीएम मोदी ने जो पानी की टंकियों का निर्माण कराया, इससे समस्त गांव को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हुई।"
उन्होंने कहा कि शुद्ध जल मिलने से गांव में बीमारियां कम हो गई हैं और इसके लिए वह प्रधानमंत्री मोदी को हृदय से धन्यवाद देते हैं। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत सबसे पहले उनके गांव में ही पानी की टंकी का निर्माण हुआ और सबसे पहले चालू भी हुई।
प्रधान ने बताया कि इस योजना से गांव के लोगों को रोजगार भी मिला है। टंकी संचालन में एक व्यक्ति को स्थायी काम मिला है, वहीं लीकेज ठीक करने, टोंटी लगाने और पाइपलाइन के लिए नालियां खोदने व मरम्मत के कार्य में कई ग्रामीणों को काम मिला।
टंकी के संचालन के बारे में उन्होंने बताया, "ये हमारी पानी की टंकी सौर ऊर्जा से संचालित होती है। ऑटोमैटिक संचालन इसका है। सुबह 7 बजे से 8:30 बजे तक, दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक और शाम 5 बजे पानी की टंकी संचालित होती है।"
--आईएएनएस
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
हरदोई
Advertisement
उत्तर प्रदेश से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


