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पुनर्वास की दिशा में शिक्षा और कौशल परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है : अशोक बुवानीवाला

khaskhabar.com: शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 3:47 PM (IST)
पुनर्वास की दिशा में शिक्षा और कौशल परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है : अशोक बुवानीवाला
खास खबर। भिवानी किसी भी व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा और कौशल है, इसलिए समाज का दायित्व केवल अवसर उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक नए जीवन की शुरुआत करने का विश्वास देना भी है। ये उद्गार आज स्थानीय जिला कारावास में महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आदर्श महिला महाविद्यालय द्वारा महिला बंदियों के लिए आयोजित तीन माह के सिलाई प्रशिक्षण शिविर के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के अवसर पर महाविद्यालय प्रबधंकारिणी समिति के महासचिव अशोक बुवानीवाला ने कहे।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के इस प्रयास से उन्हें उम्मीद है कि सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ महाविद्यालय द्वारा ये पहल शुरू की गई है कि केवल महाविद्यालय के अंदर ही नहीं बल्कि महाविद्यालय के बाहर भी महिला सशक्तिकरण के इन सार्थक प्रयासों को जितना संभव हो पूरा किया जा सकें और समय-समय पर समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं तक कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा सकें।
महाविद्यालय भविष्य में भी ऐसे जनहित एवं पुनर्वास आधारित कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिला बंदियों के भीतर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नए जीवन की शुरुआत करने का संकल्प विकसित करना भी है। समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में ऐसे कार्यक्रम प्रभावी भूमिका निभाते हैं और पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं।
इस मौके पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ अलका मित्तल ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि आदर्श महिला महाविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सक्षम बनाना है, जिसके लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रमाणपत्र केवल प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रमाण नहीं, बल्कि उनके जीवन में नई शुरुआत और नए अवसरों का प्रतीक भी है। आज भिवानी आदर्श महिला महाविद्यालय द्वारा जिला कारागार में महिला बंदियों के लिए चलाए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण कोर्स के समापन अवसर पर प्रमाण पत्र वितरित किए। पुनर्वास की दिशा में शिक्षा और कौशल परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है। मोके पर गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुनंदा भी उपस्थित रही।

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