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हरियाणा की बेटियों के कथित अपमान पर राहुल गांधी जवाब दें : ऋचा पाहवा

भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस की कुछ महिला पदाधिकारियों द्वारा आवाज उठाना और अपने पदों से इस्तीफा देना भी गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन बेटियों के सम्मान के मुद्दे पर किसी भी दल की महिला कार्यकर्ता द्वारा आवाज उठाना लोकतांत्रिक साहस का परिचायक है। उन्होंने इस मामले में आवाज उठाने वाली महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों के साहस की सराहना की।
ऋचा पाहवा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि हरियाणा की बेटियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था तो उनके सम्मान, बैठने, प्रतीक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जिम्मेदारी किसकी थी? उन्होंने कहा कि बेटियां किसी राजनीतिक कार्यक्रम की भीड़ नहीं हैं और न ही उन्हें केवल मंच या फोटो तक सीमित किया जा सकता है। उनके सम्मान और आत्मसम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेटियों को किसी कार्यक्रम में बुलाना आयोजन हो सकता है, लेकिन उन्हें सम्मान और अपनापन देना संस्कार है। हरियाणा की बेटियां अपनी प्रतिभा, मेहनत और उपलब्धियों के बल पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या असम्मान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ऋचा पाहवा ने कहा कि हाल ही में रक्षाबंधन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा बेटियों और बच्चों के साथ आत्मीयता से संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति सम्मान केवल भाषणों का विषय नहीं, बल्कि व्यवहार में दिखाई देना चाहिए। यही वास्तविक नारी सशक्तिकरण है।
भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए और बताना चाहिए कि हरियाणा से कार्यक्रम में पहुंची बेटियों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी हरियाणा की बेटियों से माफी मांगेंगे और क्या कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करेगा?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश में ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं, लेकिन हरियाणा की बेटियां जानना चाहती हैं कि उस दुकान में उनके हिस्से में सम्मान और अपनापन आया या निराशा। ऋचा पाहवा ने कहा कि हरियाणा की बेटियों का सम्मान किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। बेटियों के स्वाभिमान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश सचिव एवं अंबाला जिला प्रभारी मदन चौहान, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीषा कंसल, दीक्षा बराड़, नीलम शर्मा, प्रभा सागर, राज मनचंदा, नरेंद्र मनचंदा, ममता सेन, सुनील अग्रवाल, डॉ. कृष्ण गर्ग, अमन सागर, संदीप राणा, सुमित जायसवाल सहित भाजपा महिला मोर्चा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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