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राजस्थान सहकारी बैंक अधिकारी और कर्मचारी संघ का प्रांतीय अधिवेशन आयोजित

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रजत सिसोदिया द्वारा वर्ष 2018 व 2019 में सरकार द्वारा राज्य में सहकारी बैंकों से फसली ऋण माफी के पेटे ऋण माफी राशि के बकाया ब्याज अनुदान की राशि शीघ्र जारी करने की आवश्यकता बताई, ताकि सहकारी बैंकों को वित्तीय हानि का सामना नहीं करना पड़े। इस संबंध में संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों द्वारा राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से शीघ्र वार्ता हेतु आश्वस्त किया गया। संघ के अतिरिक्त महासचिव शिवराज मालव ने बताया कि सरकार को सहकार से समृद्धि अभियान के अंतर्गत सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण हेतु विशेष प्रावधान करने चाहिए।
*सहकारी बैंक कर्मियों हेतु 17 वां वेतन समझौता शीघ्र लागू हो
एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव कल्याण सिंह चौहान, कोटा इकाई के राजेंद्र सिंह, शशिशेखर, झालावाड़ इकाई के रोहित दुबे, अनुराग शर्मा द्वारा केंद्रीय सहकारी बैंकों के कर्मचारियों व अधिकारियों हेतु 17 वां वेतन समझौता शीघ्र लागू कराने की मांग रखी। वेतन समझौता लागू करने हेतु समझौता ड्राफ्ट से असंगत शर्तों को हटाया जाए तथा कर्मचारी हितों की रक्षा की जाएं, साथ ही लगातार 3 वर्षों तक लाभ में रहने की बाध्यता को भी समाप्त किया जाए।सहकारी बैंकों के संचालक मंडल में सहकारी कर्मियों का हो प्रतिनिधित्व
बारां इकाई के रामरूप मीणा को राज्य सहकारी बैंक कर्मियों हेतु 17 वें वेतन समझौते का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। रामरूप मीणा द्वारा वेतन ड्राफ्ट से संबंधित मुद्दों को अधिवेशन में प्रस्तुत किया गया तथा बैंक संचालक मंडल में कर्मचारी प्रतिनिधियों के निर्वाचन की आवश्यकता बताई गई।
सरकार द्वारा राशि जारी नहीं करने पर किया जाएगा आंदोलन
संघ प्रदेशाध्यक्ष रघुवीर प्रसाद शर्मा ने चेताया कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ब्याज अनुदान की राशि सहकारी बैंकों को जारी की जावे, अन्यथा संगठन द्वारा भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलन का आगाज किया जाएगा ।
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