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khaskhabar.com: शुक्रवार, 27 सितम्बर 2024 6:20 PM (IST)
कोंच, जालौन। कोंच नगर में 172 वर्षों से चल रही ऐतिहासिक अनुष्ठानी रामलीला का विधि-विधान के साथ शुभारंभ किया गया। यह रामलीला न केवल अपने समृद्ध इतिहास के लिए जानी जाती है, बल्कि यह लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। कोंच की रामलीला की अनूठी परंपराएं और अनुष्ठान इसे एक बहुमूल्य धरोहर बनाते हैं, जो आज भी उसी भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं।
शुक्रवार को राम प्राकट्योत्सव के साथ इस अद्भुत आयोजन का आरंभ हुआ। दोपहर एक बजे नगर के विद्वान पंडितों ने वैदिक रीति से अनुष्ठान कर भगवान राम का अवतरण किया, जिसमें उनके अनुज भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न भी शामिल हुए। बैंड बाजों की धुन के बीच जैसे ही भगवान का प्राकट्य हुआ, नगर में गोले दागे जाने लगे, जिससे वातावरण में उत्सव का माहौल बना।
रामलीला का आयोजन श्री धर्मादा रक्षिणी सभा द्वारा किया गया, जिसमें यजमान के रूप में गौड़ वंशीय अतुल चतुर्वेदी के पुत्र नमन चतुर्वेदी शामिल रहे। इस मौके पर सभा के अध्यक्ष विजय गुप्ता, मंत्री विनोद दुबे, रामलीला समिति अध्यक्ष राजकुमार निरंजन, और अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने अनुष्ठान में आहुतियां दी और भगवान की आरती की।
पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने भी इस मौके पर भगवान को माला पहनाकर आशीर्वाद लिया और राम जन्म की शुभ सूचना गोले दागकर नगरवासियों को दी। इस आयोजन में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और अनेक गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।
172 वर्षों पुरानी इस रामलीला की विशेषता यह है कि यह अपने अनुष्ठानों और परंपराओं को आज भी संजोए हुए है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कोंच नगर की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।
इस प्रकार, कोंच की रामलीला का यह शुभारंभ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह नगर की सांस्कृतिक समृद्धि और एकता का भी प्रतीक है। सभी ने मिलकर इस ऐतिहासिक पर्व का आनंद लिया, जो आने वाले दिनों में भी लोगों को एकजुट करता रहेगा।
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वेदध्वनि के बीच अवतरित हुए भगवान राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न

पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने भी इस मौके पर भगवान को माला पहनाकर आशीर्वाद लिया और राम जन्म की शुभ सूचना गोले दागकर नगरवासियों को दी। इस आयोजन में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और अनेक गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।
172 वर्षों पुरानी इस रामलीला की विशेषता यह है कि यह अपने अनुष्ठानों और परंपराओं को आज भी संजोए हुए है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कोंच नगर की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।
इस प्रकार, कोंच की रामलीला का यह शुभारंभ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह नगर की सांस्कृतिक समृद्धि और एकता का भी प्रतीक है। सभी ने मिलकर इस ऐतिहासिक पर्व का आनंद लिया, जो आने वाले दिनों में भी लोगों को एकजुट करता रहेगा।
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