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Sep 8, 2026 3:01 am
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प्रथम हरियाणवी लघुकथा-संकलन ‘म्हारी माट्टी, म्हारे आखर’ का हुआ विमोचन

khaskhabar.com: मंगलवार, 01 सितम्बर 2026 09:22 AM (IST)
प्रथम हरियाणवी लघुकथा-संकलन ‘म्हारी माट्टी, म्हारे आखर’ का हुआ विमोचन
खास खबर। हिसार मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट, नारनौल तथा हरियाणा कला परिषद्, कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय हुडा सेक्टर स्थित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र ‘मनुमुक्त भवन’ में ‘हरियाणवी साहित्य-कला संगम’ का आयोजन किया गया। उद्योग विस्तार अधिकारी डॉ. सुनील भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-गीत के उपरांत चीफ ट्रस्टी डॉ. रामनिवास ‘मानव’ के प्रेरक सान्निध्य और डॉ. पंकज गौड़ के कुशल संचालन में समारोह संपन्न हुआ।
समारोह की अध्यक्षता सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी बड़ी (राजस्थान) के कुलपति एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी डॉ. मनोजकुमार गर्ग ने की। हरियाणा कला परिषद् के उपाध्यक्ष महेश जोशी मुख्य अतिथि तथा सोनीपत के वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी विशिष्ट अतिथियों ने दिवंगत मनुमुक्त ‘मानव’ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी स्मृति में ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों की सराहना की।
ट्रस्टी डॉ. कांता भारती ने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा के दिवंगत अधिकारी डॉ. मनुमुक्त ‘मानव’ की 13वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस समारोह में देश के दो दर्जन से अधिक साहित्यकारों ने सहभागिता की। समारोह में भिवानी के साहित्यकार एवं स्तंभकार डॉ. सत्यवान सौरभ और डॉ. प्रियंका सौरभ द्वारा संपादित तथा डॉ. मनुमुक्त ‘मानव’ को समर्पित पुस्तक ‘म्हारी माट्टी, म्हारे आखर’ का मंचस्थ अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।
हरियाणवी बोली का यह प्रथम लघुकथा-संकलन बताया गया है। इसमें 33 लघुकथाकारों की तीन-तीन लघुकथाओं सहित कुल 99 लघुकथाएँ संकलित हैं। इनमें ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) के एक, हरियाणा के 27, राजस्थान के तीन तथा चंडीगढ़ और पंजाब के एक-एक लघुकथाकार शामिल हैं। विमोचित पुस्तक पर सुशीलकुमार ‘नवीन’ (तोशाम) और सत्यवीर नाहड़िया (रेवाड़ी) ने समीक्षात्मक वक्तव्य प्रस्तुत किए।
कवियों ने किया काव्य-पाठः
समारोह के द्वितीय चरण में संजय पाठक (जैतपुर), प्रवेंद्र पंडित (अलवर), प्रो. ज्योति राज (सोनीपत), राजपाल यादव ‘राज’ (गुरुग्राम), डॉ. मुकुट अग्रवाल एवं दलबीरसिंह ‘फूल’ (रेवाड़ी), डॉ. जितेंद्र भारद्वाज तथा ओशिन शुक्ला ‘साक्षी’ (नारनौल) आदि कवियों ने काव्य-पाठ किया। श्रोताओं ने प्रस्तुतियों की भरपूर सराहना की। कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि सहित सभी सहभागी साहित्यकारों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न और सम्मान-पत्र भेंट कर ‘डॉ. मनुमुक्त ‘मानव’ स्मृति-सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
इनकी रही उल्लेखनीय उपस्थितिः
लगभग ढाई घंटे तक चले इस विशिष्ट समारोह में कृष्णकुमार ‘निर्माण’ (करनाल), डॉ. राजकला देशवाल (सोनीपत), डॉ. सुरेश वशिष्ठ और कृष्णा जैमिनी (गुरुग्राम), राजपालसिंह गुलिया (झज्जर), भूपसिंह भारती, डॉ. धर्मवीर यादव और समता ‘अरुणा’ (रेवाड़ी), अमरचंद बैनीवाल (फतेहाबाद), डॉ. सत्यपाल शर्मा और अशोक वशिष्ठ (हिसार), भूपेंद्र गोदारा और सुमन गोदारा (सिवानी मंडी) आदि साहित्यकार उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त टोरंटो (कनाडा) के हरमहेंद्र यादव, सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी बड़ी (राजस्थान) के उपकुलपति डॉ. पवन त्रिपाठी, मुख्य वित्त अधिकारी सुनीलकुमार सोबती एवं संजीव ग्रोवर, दादरी के भूजल अधिकारी राकेश कुमार, नारनौल के सीएमजीजीए प्रखर सचान, पूर्व एजीएम अमरजीत यादव, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, सुरेशचंद शर्मा, बनवारीलाल शर्मा, एडवोकेट बलदेवसिंह चहल, मोहम्मद शफी, सत्यवीर चौधरी, डॉ. पुष्पलता भारद्वाज, डॉ. शर्मिला यादव, डॉ. वंदना कुमारी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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