Interstate gang busted for swindling crores under the guise of agribusiness.-m.khaskhabar.com
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कृषि कारोबार के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

khaskhabar.com: गुरुवार, 30 जुलाई 2026 12:11 PM (IST)
कृषि कारोबार के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
बारां । जिले की छबड़ा थाना पुलिस ने किसानों से कृषि परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों के दर्जनभर से अधिक थानों में प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि वर्ष 2023 में छबड़ा क्षेत्र के चार किसानों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने 'फार्मर एग्रो सॉल्यूशन' नाम से फर्जी कंपनी बनाकर फलदार पौधों के बगीचे, पॉलीहाउस स्थापित करने तथा जैविक खाद की एजेंसी दिलाने का झांसा दिया। आरोपी उन्हें विश्वास में लेकर नगद एवं चेक के माध्यम से करीब ₹12.50 लाख की ठगी कर फरार हो गए। फर्जी नाम-पते और मोबाइल नंबरों का किया इस्तेमाल—
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवाड़ी के सुपरविजन तथा वृत्ताधिकारी ताराचंद के निर्देशन में थानाधिकारी राजेश खटाना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान सामने आया कि एफआईआर में दर्ज नाम, पते और मोबाइल नंबर पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, खुफिया सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर गिरोह के वास्तविक सदस्यों की पहचान की।
पंजाब से दबोचा गया आरोपी—
विशेष टीम ने गिरोह के सदस्य रघुनाथ पुत्र रामगणेश गुप्ता निवासी बस्ती उत्तर प्रदेश हाल निवासी लुधियाना पंजाब को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
किसानों को कृषि योजनाओं का लालच देकर करते थे ठगी—
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी कृषि कंपनियां बनाकर किसानों को आधुनिक खेती, पॉलीहाउस, फलदार पौधों के बगीचे तथा जैविक खाद की एजेंसी दिलाने का झांसा देता था। इसके लिए फर्जी बैंक खाते, फर्जी दस्तावेज और नकली पहचान का उपयोग किया जाता था। विश्वास जीतने के बाद किसानों से बड़ी रकम वसूल कर आरोपी फरार हो जाते थे।

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