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गंजडुंडवारा: दशहरा और बकरीद को लेकर कोतवाली में हुई शांति समिति की बैठक, सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनेंगे पर्व

दशहरा पर्व पर कस्बे में भीड़भाड़ से बचने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूर्णतः रोक लगाने का फैसला लिया है।रूट डायवर्जन के तहत:
बदायूं की ओर से आने वाले भारी वाहन तरसी मोड़ से डायवर्ट किए जाएंगे।
एटा की दिशा से आने वाले वाहन पटियाली की ओर मोड़ दिए जाएंगे।
यह निर्णय पर्व के दौरान संभावित भीड़ और जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।
बकरीद पर प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर सख्ती
बकरीद पर्व को लेकर बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कुर्बानी के दौरान किसी भी प्रतिबंधित पशु की बलि नहीं दी जाएगी।प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि कानून का उल्लंघन हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, कुर्बानी के बाद अवशेषों को खुले में फेंकने के बजाय गड्ढे में दबाने की हिदायत भी दी गई है।
क्षेत्राधिकारी आर.के. पांडेय ने कहा, “दोनों पर्व सौहार्द, भाईचारे और सांप्रदायिक एकता का प्रतीक हैं। प्रशासन की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि हर नागरिक को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण मिले।”
तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा समस्या के लिए प्रशासन से संपर्क करें।
समुदायों ने दिया सहयोग का भरोसा
बैठक के दौरान उपस्थित गणमान्य नागरिकों और समाजसेवियों ने प्रशासन को आश्वासन दिया कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में पूरा सहयोग देंगे। इस अवसर पर समाजसेवी ऋषीपाल सिंह, मेगेंद्र पाल सिंह, रवेंद्र सिंह, जावेद प्रधान, शकील, सालिम हुसैन, शमसुल इस्लाम, आले इमरान (सभासद), मोहम्मद तारिक मंसूरी (पूर्व सभासद) सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रशासन द्वारा समय रहते की गई यह पहल आने वाले त्योहारों को शांति, सुरक्षा और सामाजिक समरसता के साथ मनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। नागरिकों की भागीदारी और प्रशासन की सतर्कता यह सुनिश्चित करेगी कि गंजडुंडवारा कस्बा एक बार फिर धार्मिक विविधता में एकता का उदाहरण पेश करे।
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