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संत कबीर नगर में बोले सीएम योगी- कभी इंसेफेलाइटिस से कांपता था पूर्वांचल, अब बीमारी पूरी तरह खत्म

मुख्यमंत्री ने संत कबीर नगर में कानून-व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पर्व और त्योहारों के दौरान प्रशासन को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता था। कभी मेंहदावल, कभी बखिरा और कभी खलीलाबाद में दुर्गापूजा पंडाल लगाने, मूर्ति विसर्जन या रामनवमी की शोभायात्रा को लेकर उन्हें खुद हस्तक्षेप करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब परिस्थितियां बदल गई हैं।
उन्होंने कहा, “अब मैं लखनऊ से ही देख सकता हूं कि आपकी मूर्ति, दुर्गापूजा का पंडाल सुरक्षित है। किसी को भय नहीं है।” उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत होने से धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को लेकर लोगों के मन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास का उल्लेख करते हुए तामेश्वरनाथ धाम और कॉरिडोर के निर्माण की बात कही। उन्होंने कहा कि आज सरकार के पास विकास और विरासत संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन हैं और भगवान शिव के प्रति आस्था के साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने की इच्छा भी है।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले भी सरकारी खजाने में पैसा था, लेकिन विकास की प्राथमिकताएं अलग थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल के नाम पर खर्च हो जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि संत कबीर नगर में शुरू की जा रही 201 परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा अधिकारियों को परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आम लोगों के जीवन को आसान बनाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
--आईएएनएस
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