उस्ताद अमजद अली ने धर्मशाला में दलाई लामा को सौंपा ग्रैमी सम्मान, बताया- 'गर्व और सौभाग्य की बात'

इस सहयोग ने दुनिया भर के लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में संगीत और आध्यात्मिक ज्ञान की ताकत को उजागर किया है।
कार्यक्रम के दौरान उस्ताद अमजद अली खान ने कहा कि दलाई लामा को यह सम्मान सौंपना गर्व और सौभाग्य की बात है। दलाई लामा का जीवन और उनके विचार पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
फरवरी में ग्रैमी पुरस्कार मिलने पर दलाई लामा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि वह इस सम्मान को विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करते हैं। उनके अनुसार यह पुरस्कार किसी व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता के प्रति साझा जिम्मेदारी की पहचान है।
उन्होंने कहा कि शांति, करुणा, पर्यावरण की रक्षा और मानव एकता जैसे मूल्य दुनिया के आठ अरब लोगों के कल्याण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मान से उनका संदेश और अधिक लोगों तक पहुंचेंगे।
दलाई लामा को मिली इस उपलब्धि पर तिब्बती नेताओं ने भी खुशी व्यक्त की। तिब्बती संसद के स्पीकर खेनपो सोनम तेनफेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान ज्ञान और मानवीय मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की कला की वैश्विक पहचान है।
इसके अलावा तिब्बती राजनीतिक नेता सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने भी दलाई लामा को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उपलब्धि पूरे तिब्बती समुदाय के लिए गर्व का विषय है।
गौरतलब है कि दलाई लामा लंबे समय से विश्वभर में शांति, करुणा और मानव एकता का संदेश देते रहे हैं। उनकी नवीनतम पुस्तक में तिब्बत, चीन और निर्वासन के जीवन से जुड़े अनुभवों का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। उनके विचार दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करने के साथ ही गहरा असर भी डाल रहे हैं।
--आईएएनएस
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