Mourning in Pratapgarh: Horrific collision between two bikes snuffs out lives from four families-m.khaskhabar.com
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Sep 16, 2026 9:44 pm
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प्रतापगढ़ में मातम : दो बाइकों की भीषण भिड़ंत ने छीने चार घरों के चिराग, एक दिन बाद भी पसरा सन्नाटा, हर आंख नम

khaskhabar.com: बुधवार, 02 सितम्बर 2026 09:03 AM (IST)
प्रतापगढ़ में मातम : दो बाइकों की भीषण भिड़ंत ने छीने चार घरों के चिराग, एक दिन बाद भी पसरा सन्नाटा, हर आंख नम
प्रतापगढ़। नियति जब क्रूर प्रहार करती है, तो पीछे केवल चीखें, सूने आंगन और कभी न भरने वाले घाव छोड़ जाती है। देवगढ़ थाना क्षेत्र के धरियावद मार्ग पर रविवार रात हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने चार हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां एक झटके में छीन लीं। हादसे के एक दिन बीत जाने के बाद भी जोगीखेड़ा खतौड़ी और शाहजी का पठार गांवों में चूल्हे ठंडे हैं। गलियों में पसरे सन्नाटे को चीरती मां-बहनों की सिसकियां और ढांढस बंधाने आ रहे हर शख्स की भीगी आंखें इस त्रासदी की गहराई बयां कर रही हैं। दर्शन और सभा से लौटते वक्त काल ने घेरा रविवार की छुट्टी का दिन था। जोगीखेड़ा खतौड़ी निवासी अनिल (25), उसका भाई बादल (20) और चचेरा भाई कुलदीप (19) करीब 40 किलोमीटर दूर देवाक माता मंदिर में माथा टेकने और वहां आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सभा में शामिल होने गए थे। युवाओं के चेहरे पर उत्साह था, पर किसे पता था कि घर वापसी का यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
रात करीब 9 बजे बंबोरी वेयरहाउस के पास, जब वे अपने घर से महज 15 किलोमीटर दूर थे, तभी सामने से आ रही एक अन्य बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। दूसरी बाइक पर शाहजी का पठार निवासी दो चचेरे भाई—विकास मीणा (25) और निलेश मीणा (24) सवार थे। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए।
अस्पताल से उदयपुर तक टूटती गईं सांसें
सूचना मिलते ही देवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान युवकों को प्रतापगढ़ जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने अनिल और विकास को मृत घोषित कर दिया।
गंभीर रूप से घायल निलेश, कुलदीप और बादल को नाजुक हालत में उदयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही निलेश की सांसों की डोर टूट गई। उधर, उदयपुर में जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए 19 वर्षीय कुलदीप ने भी सोमवार अलसुबह दम तोड़ दिया। हादसे में घायल बादल का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिसकी सलामती के लिए पूरा गांव दुआएं मांग रहा है।
अधूरी रह गईं उम्मीदें, उजड़ गया संसार
इस दर्दनाक हादसे ने जिन परिवारों को तोड़ा है, उनकी दास्तान रूह कंपा देने वाली है:
अनिल: महज एक साल पहले जीवन की नई शुरुआत की थी। घर में आने वाले नए नन्हे मेहमान की किलकारियों के सपने संजोए बैठी गर्भवती पत्नी की मांग उजड़ चुकी है। उसका रो-रोकर बुरा हाल है।
कुलदीप: बारहवीं पास करने के बाद मैकेनिक का काम कर परिवार का सहारा बनने की कोशिश कर रहा था। सालभर पहले ही सगाई हुई थी और सिर पर सेहरा सजने की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन उससे पहले ही घर से उसकी अर्थी उठ गई।
विकास और निलेश: दोनों चचेरे भाइयों की एक साथ मौत से शाहजी का पठार गांव पूरी तरह स्तब्ध है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख जताते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। हादसे के चौबीस घंटे बाद भी क्षेत्र में गम का गहरा पहरा है और लोग इस असहनीय पीड़ा से उबर नहीं पा रहे हैं।

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