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अक्षय कौड़ा को न्याय दिलाने की मांग तेज, धर्मशाला में सैकड़ों लोगों ने निकाला कैंडल मार्च

अक्षय कौड़ा अपने परिवार का इकलौता बेटा और घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। वह शेयर मार्केट की कोचिंग चलाने के साथ-साथ परफ्यूम के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था। परिवार के अनुसार, उन्होंने चार महीने पहले ही नई एमजी हेक्टर कार खरीदी थी और हादसे के अगले दिन एक अन्य नई गाड़ी का पंजीकरण कराया जाना था। परिजनों का कहना है कि मेहनत और सपनों से भरी उनकी जिंदगी एक पल में खत्म हो गई।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल अक्षय के लिए नहीं, बल्कि सड़क पर सफर करने वाले हर नागरिक की सुरक्षा के लिए है।
परिवार के सदस्य शिवेक कौड़ा ने बताया कि कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। परिवार ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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