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चीनी संकट को लेकर सरकार पर कांग्रेस का निशाना, सुरजेवाला बोले- निर्यातक से आयातक बना भारत

khaskhabar.com: रविवार, 23 अगस्त 2026 7:14 PM (IST)
चीनी संकट को लेकर सरकार पर कांग्रेस का निशाना, सुरजेवाला बोले- निर्यातक से आयातक बना भारत
कैथल। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा और देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, तथा चीनी की कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा एक गंभीर संकट से गुजर रहा है, और सबसे बड़ा संकट युवाओं के भविष्य का है। युवाओं के पास शिक्षा, हुनर, और काबिलियत होने के बावजूद उनके लिए रोजगार के अवसर नहीं हैं। सरकारों ने रोजगार के रास्ते बंद कर दिए हैं और युवाओं को महंगी शिक्षा के बोझ तले धकेल दिया है, जिससे उनके परिवार भी आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट देश में 9 करोड़ बेरोजगारों की बात करती है, जबकि वास्तविक संख्या 20 से 25 करोड़ के बीच हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा आखिर कहां जाएंगे। उनके अनुसार, यह देश के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, जिस पर सरकार को तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां खेती की उत्पादकता बढ़ाना, सिंचाई तथा पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था करना और किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन पिछले 12 वर्षों में इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं किया गया। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध वर्ग से आगे आकर सरकारों पर जनहित के मुद्दों पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की अपील की।
चीनी की बढ़ती कीमतों पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि आज चीनी गरीब आदमी के लिए कड़वी हो गई है और उसने आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-20 पेट्रोल और इथेनॉल उत्पादन की नीति के जरिए चीनी मिलों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत कभी चीनी निर्यात करने वाला देश था, लेकिन आज उसे लाखों टन कच्ची चीनी का आयात करना पड़ रहा है। उन्होंने पूछा कि इस स्थिति के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।
सुरजेवाला ने कहा कि सरसों तेल, सोयाबीन तेल, आटा, चीनी, बिस्किट, और इंस्टेंट नूडल्स समेत दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं के दाम बढ़ चुके हैं। इसके अलावा, वाहनों की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है और दूसरी तरफ रोजगार के अवसर नहीं हैं। ऐसे में आम आदमी का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश में शुगर कंट्रोल ऑर्डर लागू है और केवल बयानबाजी से चीनी की कीमतें कम नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने का उचित मूल्य समय पर नहीं मिलता, जिसके कारण वे गन्ने की खेती से दूरी बनाने लगते हैं। गन्ने का उत्पादन घटने से चीनी का उत्पादन भी प्रभावित होता है। वहीं, जो गन्ना बचता है, उसका एक बड़ा हिस्सा इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों का मौसम नजदीक है और देश को कच्ची चीनी विदेशों से मंगानी पड़ रही है। भारत पहले चीनी का निर्यातक देश था और कभी आयात की जरूरत नहीं पड़ती थी, लेकिन अब चीनी आयात के लिए विदेशी मुद्रा खर्च की जा रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि यदि देश की शिक्षा नीति इतनी अच्छी है तो करोड़ों युवा सड़कों पर रोजगार के लिए संघर्ष क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की फीस लाखों रुपए तक पहुंच चुकी है और गरीब परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल होता जा रहा है।
--आईएएनएस

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