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कानपुर में लूट के बाद 58 वर्षीय महिला की हत्या, शव कुर्सी पर रखकर भागे बदमाश, जांच जारी

बताया गया कि केशवपुरम के हसनपुर निवासी शिवमंगल कुशवाहा मासवानपुर में बुक स्टॉल चलाते हैं और अपनी पत्नी उमा के साथ रहते थे। मंगलवार रात करीब 8 बजे किराएदार पानी भरने के लिए मोटर चलाने पहुंची। उसने उमा को कुर्सी पर बैठे देखा। काफी आवाज देने के बाद भी जब वह नहीं उठीं तो किराएदार ने शिवमंगल को सूचना दी।
शिवमंगल घर पहुंचे तो उन्हें पहले लगा कि पत्नी को अटैक पड़ा है। पास जाकर देखने पर उनके गले पर काला-नीला निशान दिखाई दिया। कमरे में सामान बिखरा देखकर उन्हें लूट के बाद हत्या किए जाने का शक हुआ। शिवमंगल के बड़े बेटे अमरीश ने मासवानपुर में घर बना रखा है, जबकि छोटा बेटा आशीष दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है।
घटना की सूचना मिलने पर रात करीब 11 बजे रावतपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। शुरुआती जांच में सामने आया कि वारदात शाम करीब पांच से छह बजे के बीच हुई।
जांच टीम का यह भी मानना है कि आरोपियों को पता था कि बड़े बेटे की अलमारी की चाबी कहां रखी है। पुलिस के अनुसार, सिर्फ बड़े बेटे अमरीश की अलमारी टूटी हुई मिली, जबकि छोटे बेटे आशीष की अलमारी को नहीं छेड़ा गया था। शिवमंगल ने पुलिस को बताया कि अलमारी में उनके बड़े बेटे की पत्नी नेहा और उमा के गहने रखे थे।
बताया जाता है कि अलमारी की चाबी घर में एक तिजोरी के अंदर रखी थी। पुलिस ने कहा कि अलमारी को चाबी से खोला गया लगता है, जबकि गहनों वाली तिजोरी को किसी नुकीली चीज से तोड़ा गया था।
पत्रकारों से बात करते हुए डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम अब्दी ने कहा, "शव को तुरंत कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में, घर में जबरन घुसने का कोई संकेत या सबूत नहीं मिला है।"
वहीं, समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए किराएदार सपना गुप्ता ने घटनाक्रम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परिवार को तब चिंता हुई, जब उमा ने बार-बार किए गए फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।
सपना ने कहा, "शाम करीब 7 बजे, जब पानी भरने का समय हुआ, तो मेरे पति ने आंटी को फोन करके पानी चालू करने के लिए कहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर उनके पति ने फोन किया, तब भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मेरे पति ने अंकल को फोन करके बताया कि आंटी फोन नहीं उठा रही हैं। जब कॉल कनेक्ट हुई, तो अंकल ने हमसे दरवाजा खोलकर देखने को कहा। जब मेरे पति ने दरवाजा धक्का देकर खोला, तो हमने उन्हें इस (मृत) हालत में पाया।"
--आईएएनएस
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