Four policemen including SHO suspended over suspicious death of youth in Chitrakoot-m.khaskhabar.com
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चित्रकूट में युवक की संदिग्ध मौत पर एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित

khaskhabar.com: सोमवार, 15 जुलाई 2024 9:53 PM (IST)
चित्रकूट में युवक की संदिग्ध मौत पर एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र में एक युवक का शव संदिग्ध रूप में रेलवे पटरी पर पाए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने मानिकपुर थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मानिकपुर थाने में लगे सीसी टीवी के फुटेज देखने से पता चलता है कि थाने की पुलिस ई-रिक्शा से उतार कर एक लडके को रविवार शाम सात बज कर तीन में थाने के अंदर ले जाती है और वही लड़का सात बज कर नौ मिनट में बड़ी तेजी से थाने के अंदर बाहर भागता दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि देर रात करीब दस बजे रेलवे से एक मेमो आता है कि कोई लड़का ट्रेन से कट गया है। पुलिस मौके पर पहुंच कर शव कब्जे में लेती है, जिसकी शिनाख्त मानिकपुर कस्बे के निवासी अंशु (27) के रूप में हुई। यह भी पुष्टि हुई कि इसी युवक को पुलिस अपने साथ थाने लाई थी।
उन्होंने बताया कि यह युवक मोहर्रम के जुलूस के दौरान शराब पीकर रेलवे स्टेशन के पास उत्पात कर रहा था, तभी पुलिस थाने गई थी। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि थाने से भागने के बाद पुलिस ने युवक की खोजबीन नहीं की और इसी लापरवाही में थाना प्रभारी विनोद शुक्ला, हेड कांस्टेबल वीर सिंह, कांस्टेबल प्रमोद पासवान और अंकित राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित पुलिस कर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-127 (2), 103 (1) और 238 के तहत मामला भी दर्ज किया गया है।
उधर, पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर लिखे पोस्ट पर आरोप लगाया है कि यह पुलिस हिरासत में की गई हत्या है, इसकी सीबीसीआईडी जांच होनी चाहिए।
आजाद अधिकार सेना की प्रावक्ता नूतन ठाकुर ने कहा कि अंशू को पुलिस थाने ले जाती है और उसकी पिटाई करती है। यह शुद्ध रूप से 'पुलिस हिरासत' में हत्या है।

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