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गुरुओं की इस पावन धरती पर नशे के लिए कोई स्थान नहीं है: गुलाब चंद कटारिया

राज्यपाल ने दोहराया कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कानून का सख्त प्रवर्तन, निरंतर जन-जागरूकता के साथ-साथ पुनर्वास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे का दुरुपयोग केवल स्थानीय या प्रांतीय समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौती है, जिसके लिए सतत और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
राज्यपाल ने कहा कि गुरुओं की इस पावन धरती पर नशे के लिए कोई स्थान नहीं है। यह राज्यपाल का नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन है। अकेले सरकारें यह लड़ाई नहीं लड़ सकतीं। सरकारें अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं, पर इसे जड़ से समाप्त करने के लिए जनता को आगे आना होगा। हम सबको मिलकर लड़ना होगा, तभी नशा खत्म होगा।
उन्होंने कहा कि नशा करने वालों से नफरत नहीं, बल्कि प्यार और सहायता से उन्हें नशे से दूर किया जाए। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने से ही नशे की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
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