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पठानकोट में पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमले की कहानी, स्थानीय लोगों की जुबानी

पूर्व सरपंच विक्की ठाकुर ने बताया कि ब्लैकआउट के दौरान गांव में अनुशासन बनाए रखने के लिए लोगों को लाइट न जलाने की सलाह दी गई। शुरुआत में लोग डरे हुए थे, लेकिन जब सेना ने सभी हमलों को विफल किया, तब से लोगों का हौसला बुलंद है।
रविंद्र कुमार ने बताया कि बीती रात पाकिस्तान ने ड्रोन हमले का प्रयास किया, लेकिन वायुसेना ने दोनों बार हमलों को नाकाम कर दिया। हर हाल में भारतीय सेना जीतेगी। हमारी वायुसेना ने कोई नुकसान नहीं होने दिया।
स्थानीय निवासी हरजीत सिंह ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, "इस बार हम सियालकोट और ननकाना साहिब को पाकिस्तान से छीन लेंगे और वापस नहीं देंगे। हर हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।"
वहीं, पूर्व बीएसएफ जवान बलदेव सिंह ने कहा, "सेना की मुस्तैदी के कारण सभी लोग सुरक्षित रहे। पहले और अब की लड़ाई में फर्क है। अब ड्रोन और मिसाइलों से भी युद्ध लड़ा जा रहा है। हमारी सेना को सलाम।"
रमेश कुमार ने कहा, "धमाकों की आवाज बहुत तेज थी, लेकिन वायुसेना ने सभी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। हमारी सेना परफेक्ट है और हमें उसपर गर्व है।"
एक स्थानीय महिला ममता ने बताया कि शुरुआत में डर के कारण वह खाना भी नहीं खा पाईं, लेकिन वायुसेना की कार्रवाई के बाद उनका डर खत्म हो गया। कार्रवाई के लिए वायुसेना को हम दिल से धन्यवाद देते है।
वहीं दर्शन नाम की एक अन्य महिला ने बताया कि रात 8 बजे धमाका हुआ था और उससे पहले बिजली चली गई थी। भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई ने न केवल पाकिस्तान के हमलों को नाकाम किया, बल्कि सीमा पर रहने वाले लोगों में विश्वास और हौसला भी जगाया है। हमें अपनी सेना की ताकत पर गर्व हैं और भारतीय सेना हर चुनौती से निपटने में सक्षम है।
--आईएएनएस
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