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भजन संध्या में बरसे सियासी और मजहबी बाण : यमुनानगर में कन्हैया मित्तल ने घुसपैठियों और धर्म परिवर्तन पर घेरा, बेटियों को दी नसीहत

उन्होंने बेटियों की शक्ति का बखान करते हुए कहा कि अब वे सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान के आतंकवाद को कुचलने का माद्दा भी रखती हैं।
पितृ दोष और धर्म परिवर्तन पर बड़ा बयानधर्म परिवर्तन के मुद्दे पर कन्हैया मित्तल ने सख्त लहजा अख्तियार किया। उन्होंने मजारों पर माथा टेकने वालों को निशाने पर लेते हुए कहा:
बाप बदलने जैसा है धर्म बदलना: मित्तल के अनुसार, पितृ दोष तब लगता है जब व्यक्ति अपना धर्म छोड़कर दूसरे मजहब के दर पर जाता है। उन्होंने इसे 'अपना बाप बदलने' के समान बताया।
एक निष्ठ भक्ति: उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जब तक आप अपने मूल धर्म और देवों के साथ रहेंगे, तब तक कोई पितृ दोष आपको छू नहीं सकता।
सिखों को बताया बड़ा भाई, कट्टर हिंदुत्व पर जोरकार्यक्रम के दौरान जब एक सिख श्रद्धालु मंच पर आए, तो मित्तल ने उन्हें सम्मानित किया और हिंदू-सिख एकता पर भावुक बात कही। उन्होंने कहा कि वे मस्जिद या चर्च नहीं जाते, लेकिन गुरुद्वारे के सामने सिर हमेशा झुकता है क्योंकि वहां 'रब' बसते हैं।
जब उनसे भीड़ जुटने का राज पूछा गया, तो उन्होंने बेबाकी से कहा— "बाकी जगहों पर सिर्फ हिंदू आते हैं, लेकिन मेरे संकीर्तन में 'कट्टर हिंदू' आते हैं।"
पूरी रात चले इस संकीर्तन में जहां एक तरफ "है मेरे श्याम" जैसे भजनों की गूंज रही, वहीं दूसरी तरफ कन्हैया मित्तल के इन विवादित और प्रखर बयानों ने सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक हलचल पैदा कर दी है। भक्ति के मंच से राष्ट्रवाद और कट्टर हिंदुत्व का यह मेल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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