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पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना को भाजपा ने बताया चुनावी स्टंट

उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि सरकारी सहायता की राशि लेना गलत नहीं है, लेकिन इसके बदले में वोट सोच-समझकर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उन शहीदों के वोट का अपमान होगा जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है, यदि इसे लालच में आकर प्रभावित किया जाए।
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि कई महिलाओं को इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों के लिए लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। खासकर अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र बनवाने में महिलाओं को कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित यह सहायता योजना समान रूप से लागू नहीं की जा रही है और इसमें वर्ग के आधार पर भेदभाव भी देखने को मिल रहा है।
वहीं, भाजपा नेता गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि यह पूरी योजना एक गिमिक और चुनावी स्टंट है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार का असली उद्देश्य जनता की भलाई नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ प्राप्त करना है।
सोढ़ी ने कहा कि यह योजना केवल वोट हासिल करने के लिए बनाई गई रणनीति है, जिसमें न तो कोई ठोस नीति है और न ही कोई दीर्घकालिक सोच। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इन चुनावी वादों से प्रभावित न हों और अपने वोट का प्रयोग सोच-समझकर करें।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में विकास कार्यों की गति धीमी है और कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। बिजली, रोजगार और विकास से जुड़ी समस्याएँ अभी भी लोगों को परेशान कर रही हैं।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि आने वाले समय में डबल इंजन सरकार ही पंजाब के विकास को गति दे सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है तो लोगों को अधिक सुविधाएं और बेहतर प्रशासन मिलेगा।
--आईएएनएस
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