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भाजपा बताए, प्रदेश को आरडीजी मिलने के पक्ष में हैं या नहीं : मुख्यमंत्री सुक्खू

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश के लोगों का अधिकार है और राज्य सरकार इस अधिकार की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने हिमाचल के हितों के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में भी समर्थन नहीं दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा नेता प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल कराएं।
पूर्व भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्षों में 70 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने के बावजूद उसका सही उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण आज प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावितों के लिए राज्य सरकार ने कानून बदलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों की सहायता राशि डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी है। उन्होंने अग्निवीर योजना और मनरेगा को लेकर भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 6,000 अनाथ बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” के रूप में अपनाया है और अब विधवा महिलाओं के बच्चों को भी प्रदेश से बाहर शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने तीन वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक और प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन लोटस के जरिए सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया गया, लेकिन जनता ने कांग्रेस सरकार को 2027 तक चलाने का आशीर्वाद दिया।
जनसभा को पच्छाद की विधायक रीना कश्यप, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर और कांग्रेस नेता दयाल प्यारी ने भी संबोधित किया। जिला सिरमौर कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में विधायक, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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