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लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में दो दिवसीय विशेषज्ञ व्याख्यान

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विनय पंडित ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ड्रग डिसॉलूशन तथा इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों से अवगत कराना है।” इस अवसर पर उमेश वी. बनाकर ने ड्रग डिसॉलूशन विषय पर विद्यार्थियों को दवाओं के डिसॉलूशन टेस्टिंग, इसके महत्व तथा ड्रग डेवलपमेंट में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।
दूसरे दिन उन्होंने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) विषय पर व्याख्यान देते हुए पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट एवं डिज़ाइन राइट्स सहित विभिन्न बौद्धिक संपदा अधिकारों तथा फार्मेसी विद्यार्थियों के लिए आईपीआर में उपलब्ध करियर औपचारिकता के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर डॉ अदिति आई पी आर सेल की कोऑर्डिनेटर डॉ अमरदीप, डॉ प्रतिमा आशावत डॉ परवीन, डॉ शिव कुमार खुशवा , , तथा स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सी. पी. एस. वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विशेषज्ञ वक्ता, संस्थान के प्रबंधन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान, शोध, नवाचार एवं आईपीआर के महत्व से अवगत कराना रहा।
संस्थान की ओर से आयोजित ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को रिसर्च, इनोवेशन, आईपीआर और फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री की बदलती आवश्यकताओं से परिचित कराना है। लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी अकादमिक एवं शोध गतिविधियों के साथ-साथ विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी एवं व्यावसायिक ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहा है।
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