Advertisement
संभल सीजेएम के तबादले पर सियासी घमासान, पवन खेड़ा बोले-न्यायपालिका को नियंत्रित करना चाहती है भाजपा

इस आदेश के बाद संभल पुलिस ने कहा था कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती देंगे। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया, "इस आदेश के बाद जज का तबादला कर दिया गया और अगली पोस्टिंग में उन्हें नीचे के पद पर भेजा गया। फिर संभल में एक नया जज नियुक्त किया गया, लेकिन जब वकीलों ने विरोध किया, तो उन्हें भी चुपचाप हटा दिया गया।" उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब आदेश बदलवाने के लिए जज बदले गए हों।
खेड़ा ने दिल्ली दंगों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि जस्टिस मुरलीधर, जिन्होंने भाजपा नेताओं के खिलाफ आदेश दिए थे, उन्हें भी आधी रात में ट्रांसफर कर दिया गया। उनके अनुसार, यह दिखाता है कि जो जज न्याय का पलड़ा बराबर रखते हैं, उन्हें मनमाने ढंग से हटाया जाता है। कांग्रेस नेता ने गुजरात का जिक्र करते हुए कहा कि वहां डीजी वंजारा, माया कोडनानी और बाबू बजरंगी जैसे लोगों को जज बदलकर राहत दिलाई गई।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "एक मॉडल यह है कि जज बदला जाए और दूसरा यह कि 'मोटा भाई' जज को कहीं और ट्रांसफर कर दें।" खेड़ा ने इसे लोकतंत्र और न्याय के लिए बेहद खतरनाक मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कानूनी समुदाय के साथ खड़ी है, क्योंकि वे न्याय और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा, "भगवान के बाद अगर लोग किसी से न्याय की उम्मीद करते हैं, तो वह शासक होता है। लेकिन अगर शासक ही न्याय में बाधा बनने लगे और धर्म, जाति और भाषा देखकर फैसला हो, तो सोचिए लोकतंत्र कितने दिन टिक पाएगा।" -आईएएनएस
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
संभल
Advertisement
उत्तर प्रदेश से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


