Political uproar over the transfer of Sambhal CJM; Pawan Khera says BJP wants to control the judiciary-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Oct 16, 2026 5:01 am
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

संभल सीजेएम के तबादले पर सियासी घमासान, पवन खेड़ा बोले-न्यायपालिका को नियंत्रित करना चाहती है भाजपा

khaskhabar.com: शनिवार, 24 जनवरी 2026 4:09 PM (IST)
संभल सीजेएम के तबादले पर सियासी घमासान, पवन खेड़ा बोले-न्यायपालिका को नियंत्रित करना चाहती है भाजपा
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर के तबादले को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि भाजपा न्यायपालिका को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसी दूसरे राज्य का आजमाया हुआ मॉडल यहां लागू नहीं करना चाहिए। पवन खेड़ा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के संभल में वकील आक्रोशित हैं और वहां विरोध के नारे लगाए जा रहे हैं। आज देश का हर वर्ग (युवा, महिलाएं, छात्र, मजदूर, धार्मिक नेता और मध्यम वर्ग) भाजपा से परेशान है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खेड़ा ने गुजरात दंगों के आरोपी बाबू बजरंगी का एक वीडियो भी साझा किया। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि कैसे तत्कालीन गुजरात सरकार में मुख्यमंत्री रहते हुए जज बदले गए ताकि आरोपी को राहत मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही मॉडल है जिसे अब उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि विभांशु सुधीर का तबादला इस बात का संकेत है कि भाजपा न्यायपालिका पर नियंत्रण चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में संभल के वकीलों के साथ खड़ी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 14 न्यायिक अधिकारियों का तबादला किया है, जिनमें विभांशु सुधीर भी शामिल हैं। अब उन्हें सुल्तानपुर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात किया गया है। यह तबादला उस आदेश के कुछ ही दिनों बाद हुआ, जब 19 जनवरी को सीजेएम विभांशु सुधीर ने नवंबर 2024 में संभल में हुई हिंसा के दौरान एक युवक को गोली लगने के मामले में तत्कालीन सर्किल ऑफिसर अनुज चौधरी और थाने के एसएचओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
इस आदेश के बाद संभल पुलिस ने कहा था कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती देंगे। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया, "इस आदेश के बाद जज का तबादला कर दिया गया और अगली पोस्टिंग में उन्हें नीचे के पद पर भेजा गया। फिर संभल में एक नया जज नियुक्त किया गया, लेकिन जब वकीलों ने विरोध किया, तो उन्हें भी चुपचाप हटा दिया गया।" उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब आदेश बदलवाने के लिए जज बदले गए हों।
खेड़ा ने दिल्ली दंगों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि जस्टिस मुरलीधर, जिन्होंने भाजपा नेताओं के खिलाफ आदेश दिए थे, उन्हें भी आधी रात में ट्रांसफर कर दिया गया। उनके अनुसार, यह दिखाता है कि जो जज न्याय का पलड़ा बराबर रखते हैं, उन्हें मनमाने ढंग से हटाया जाता है। कांग्रेस नेता ने गुजरात का जिक्र करते हुए कहा कि वहां डीजी वंजारा, माया कोडनानी और बाबू बजरंगी जैसे लोगों को जज बदलकर राहत दिलाई गई।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "एक मॉडल यह है कि जज बदला जाए और दूसरा यह कि 'मोटा भाई' जज को कहीं और ट्रांसफर कर दें।" खेड़ा ने इसे लोकतंत्र और न्याय के लिए बेहद खतरनाक मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कानूनी समुदाय के साथ खड़ी है, क्योंकि वे न्याय और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा, "भगवान के बाद अगर लोग किसी से न्याय की उम्मीद करते हैं, तो वह शासक होता है। लेकिन अगर शासक ही न्याय में बाधा बनने लगे और धर्म, जाति और भाषा देखकर फैसला हो, तो सोचिए लोकतंत्र कितने दिन टिक पाएगा।" -आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement