Major Success in Wildlife Conservation in Kinnaur: Rare Himalayan Brown Bear Family Captured on Camera-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Oct 13, 2026 6:39 am
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

किन्नौर में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता, कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ हिमालयी भूरे भालू का परिवार

khaskhabar.com: शुक्रवार, 15 मई 2026 12:56 PM (IST)
किन्नौर में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता, कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ हिमालयी भूरे भालू का परिवार
किन्नौर । हिमाचल प्रदेश के उत्तर पूर्व में स्थित किन्नौर के चीन सीमांत रक्छम चिटकुल वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से हिमालयी भूरे भालू का बेहद दुर्लभ और उत्साहजनक फोटोग्राफिक रिकॉर्ड सामने आया है। अभयारण्य क्षेत्र में एक मादा हिमालयी भूरे भालू को उसके दो शावकों के साथ कैमरे में कैद किया गया है। इसे क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वन विभाग की फील्ड टीम ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे से रिकॉर्ड किया। टीम में ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर संतोष कुमार ठाकुर, वन रक्षक छायानंद, अक्षय, पवन कुमार और वन मित्र अल्पना नेगी शामिल थीं। इनके साथ प्रसिद्ध पक्षी विशेषज्ञ और नेचुरलिस्ट गैरी भट्टी तथा उनकी टीम के सदस्य डॉ. बिश्वरूप सतपति और डॉ. राहुल देब मंडल भी मौजूद रहे। भूरा भालू भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची (1) में शामिल है। भूरे भालू की आबादी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में 23 संरक्षित क्षेत्रों में है। काला भालू समुद्र तल से 2000 मीटर की ऊंचाई से नीचे रहना पसंद करता है। फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ झुंड में रहना इसकी आदत में शुमार है जबकि भूरा भालू आमतौर पर समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई से नीचे कभी नहीं आता है। यह झुंड के बजाय अकेला ही रहता है। मात्र प्रसव के दौरान ही यह झुंड में रहता है।
भूरे भालुओं में मात्र 10 फीसदी ही मांसाहारी होते हैं जबकि 90 फीसदी भोजन के रूप में जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करते हैं। भूरा भालू अमरीकी भालू की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा होता है। इसका भार एक से डेढ़ क्विंटल तक होता है और जब यह इंसानों की तरह खड़ा होता है तो इसकी लंबाई छह फुट के करीब होती है और यह बहुत शांत स्वभाव के माने जाते हैं। इन भालुओं के दिखने से क्षेत्र के पर्यावरण को भी लाभ बताया जा रहा है और वन्य प्रेमियों में ख़ुशी की लहर भी देखी जा सकती है।
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement