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सूचीबद्ध इकाई के रूप में वेदांता ऑयल एंड गैस की मजबूत शुरुआत, राजस्व 9 प्रतिशत बढ़कर 2,507 करोड़ रुपये, बाड़मेर में नई गैस खोज

कंपनी ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन स्थित RJ-ON-90/1 ब्लॉक के कामेश्वरी ग्रेबन क्षेत्र में डीप गैस अन्वेषण अभियान के तहत ड्रिल किए गए Kaam BCP-1ST कुएं में गैस की खोज की घोषणा की है। कंपनी इस खोज का विस्तृत तकनीकी एवं व्यावसायिक मूल्यांकन करेगी।
प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के अंतरिम सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक जिम जॉनी गास्ट ने कहा, "Q1 FY27 हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, क्योंकि इसी तिमाही में कंपनी BSE और NSE पर लिस्ट हुई। इस तिमाही का प्रदर्शन हमारे व्यवसाय की मजबूती, ऑपरेशनल उत्कृष्टता पर ध्यान, डीप गैस खोज के रूप में मिली अन्वेषण सफलता और अनुशासित पूंजी निवेश को दर्शाता है। हम प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए एक्सप्लोरेशन ड्रिलिंग, एडवांस्ड ऑयल रिकवरी (ASP) और इनफिल डेवलपमेंट कैंपेन जैसे नियर और मीडियम टर्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर लगातार काम कर रहे हैं। हमारा मानना है कि हम सस्टेनेबल ग्रोथ को आगे बढ़ाते हुए सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए लॉन्ग-टर्म वैल्यू बनाने की मजबूत स्थिति में हैं।"
कंपनी की मजबूत राजस्व वृद्धि, EBITDA और स्वस्थ PAT उसके मजबूत वित्तीय आधार तथा परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं।
वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अर्पित मुंदड़ा ने कहा, "हमने Q1 FY27 में अच्छा फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दिया, जिसे अच्छी कमोडिटी कीमतों, बेहतर रियलाइजेशन और मजबूत ऑपरेशनल डिसिप्लिन से समर्थन मिला। कॉस्ट एफिशिएंसी और वैल्यू क्रिएशन पर हमारे लगातार फोकस ने हमें बेहतर मार्केट कंडीशन का फायदा उठाकर अच्छे फाइनेंशियल रिजल्ट पाने में मदद की। साथ ही, हमने फ्यूचर ग्रोथ प्लान में भी इन्वेस्ट करना जारी रखा है।"
कंपनी की सबसे बड़ी उत्पादन परिसंपत्ति राजस्थान ब्लॉक से तिमाही के दौरान औसत दैनिक सकल उत्पादन 63.1 kboepd दर्ज किया गया। KG-ONN 2003/1 ब्लॉक से औसत दैनिक वर्किंग इंटरेस्ट उत्पादन 0.5 kboepd रहा, जबकि ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम (OALP) के तहत प्राप्त परिसंपत्तियों से 3.1 kboepd का योगदान मिला।
कंपनी की भारत में 44 ब्लॉकों में हिस्सेदारी है, जो 47,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले हुए हैं और जिनमें 1.4 बिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (bnboe) संसाधन हैं। इसकी उत्पादन परिसंपत्तियां राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात और असम के प्रमुख हाइड्रोकार्बन बेसिनों में स्थित हैं, जिन्हें तकनीक आधारित अन्वेषण, उन्नत भू-विज्ञान विशेषज्ञता और विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग क्षमताओं का समर्थन प्राप्त है।
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