IPS Officer Bhullar Appointed IGP of Border Range Following Jantar Mantar Terror Module Controversy-m.khaskhabar.com
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जंतर-मंतर टेरर मॉड्यूल विवाद के बाद आईपीएस अधिकारी भुल्लर बॉर्डर रेंज के आईजीपी नियुक्त

khaskhabar.com: मंगलवार, 01 सितम्बर 2026 10:01 PM (IST)
जंतर-मंतर टेरर मॉड्यूल विवाद के बाद आईपीएस अधिकारी भुल्लर बॉर्डर रेंज के आईजीपी नियुक्त
चंडीगढ़। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर पद से हटाए जाने के एक महीने के अंदर ही सीनियर आईपीएस ऑफिसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को मंगलवार को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्हें सुरक्षा से जुड़े अहम पद पर नियुक्त किया गया है। भुल्लर को पंजाब पुलिस द्वारा पकड़े गए पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल का कनेक्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से जोड़ने वाले बयान पर हुए विवाद के बाद अमृतसर सीपी के पद से हटाया गया था। पुलिस अधिकारियों के बड़े फेरबदल में भुल्लर को बॉर्डर रेंज का इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) नियुक्त किया गया। इस रेंज में अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट जिले आते हैं, जो ज्यादातर भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित हैं।
उन्होंने बॉर्डर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) हरमनबीर सिंह गिल की जगह ली, जिन्हें अमृतसर का पुलिस कमिश्नर बनाया गया था।
ट्रांसफर से पहले, भुल्लर उस जांच का नेतृत्व कर रहे थे जिसमें आईएसआई से जुड़ी एक साजिश का पर्दाफाश हुआ था।
पिछले महीने अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने आईएसआई समर्थित सीमा-पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया (जिनमें चार नाबालिग भी शामिल थे) और तीन अवैध पिस्तौल, नौ कारतूस और चार पेट्रोल-बोतल बम बरामद किए गए।
सोशल मीडिया पर भुल्लर की प्रेस ब्रीफिंग के वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस प्रवक्ता ने साफ किया कि 4 अगस्त को अमृतसर में पुलिस कमिश्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ हिस्सों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। उस कॉन्फ्रेंस में पुलिस द्वारा आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने की जानकारी दी गई थी, और उन हिस्सों का इस्तेमाल जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जोड़ने की कोशिश के तौर पर किया गया।
प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों ने जंतर-मंतर की रेकी (निगरानी) की थी और पेट्रोल बम का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। उन्होंने साफ किया कि ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया था जिससे यह लगे कि गिरफ्तार लोग विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे या जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों का उस मॉड्यूल से कोई संबंध था।
प्रवक्ता ने कहा कि बदले हुए बैकग्राउंड विजुअल, चुनिंदा वीडियो एडिटिंग और साथ में दिए गए कैप्शन या स्पष्टीकरण 'गलत हैं और एक भ्रामक धारणा बनाते हैं कि गिरफ्तार लोग जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों से जुड़े थे।'
उन्होंने कहा, "प्रेस कॉन्फ्रेंस के ऑडियो और असल जानकारी में कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं की गई थी, लेकिन चुनिंदा एडिटिंग और साथ में दिए गए कैप्शन प्रेस कॉन्फ्रेंस को सही ढंग से पेश नहीं करते हैं। ऐसा लगता है कि ये पुलिस कमिश्नर के बयान को गलत और भ्रामक तरीके से पेश करने की कोशिशें हैं।"
--आईएएनएस

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