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हिमाचल प्रदेश : अर्की अग्निकांड में दर्दनाक खुलासा, क्षत-विक्षप्त हालत में मिले 7 बॉडी पार्ट्स, सर्च ऑपरेशन जारी

लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह आज अर्की पहुंचेंगे। वे प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।गौरतलब है कि अर्की बाजार में यह भीषण आग रविवार देर रात ढाई से तीन बजे के बीच लगी थी। आग एक मकान से शुरू हुई थी, जिसके ग्राउंड और पहली मंजिल पर दुकानें, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर नेपाल और बिहार के मजदूर रहते थे।
दो नेपाली परिवार नहीं हो सके थे रेस्क्यू
हादसे के दौरान 7 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन दो नेपाली परिवार आग की चपेट में आ गए। अब तक 8 और 10 साल के दो बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।बिहार के एक बच्चे को सोमवार सुबह जिंदा रेस्क्यू किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। वहीं, दूसरे बच्चे का शव मंगलवार को बरामद हुआ।
प्रशासन से सर्च अभियान तेज करने की मांग
नेपाल निवासी गोविंद ने बताया कि वे रोजी-रोटी के लिए हिमाचल आए थे, लेकिन इस हादसे ने उनका सब कुछ छीन लिया। उन्होंने प्रशासन से सर्च ऑपरेशन में तेजी लाने की मांग की है।
शव नेपाल भेजने की मांग
नेपाली युवक राज बहादुर ने कहा कि यदि उनके गांव के लापता लोगों की मौत की पुष्टि होती है, तो भारत सरकार और प्रशासन को शव नेपाल भेजने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
सभी के मिलने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा: SDM
एसडीएम अर्की ने बताया कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक NDRF और SDRF की टीमों द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए अर्की के गोशाला भवन में ठहरने और खाने की पूरी व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है।
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