Advertisement
राजस्थान में HPCL पाइपलाइन से कच्चा तेल चुराने के आरोप में आठ लोग गिरफ्तार

खबरों के मुताबिक, गुजरात एटीएस को जानकारी मिली थी कि गुजरात और राजस्थान के कुछ लोग मिलकर एचपीसीएल पाइपलाइन से कच्चा तेल चुरा रहे थे और उसे अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर बेच रहे थे। जानकारी की पुष्टि करने के बाद एटीएस की टीम ने अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर कुवाडवा के पास सोखडा गांव जाने वाली सड़क पर जयराज सिंह को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर बताया कि उसके पास मौजूद कच्चा तेल बालोतरा जिले के कलुडी गांव से लाया गया था। इसके बाद एटीएस ने राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर बालोतरा के पास टापरा गांव के पास सड़क किनारे बने एक ढाबे से गिरोह के सात अन्य सदस्यों को हिरासत में लिया।
आरोपियों को पूछताछ के लिए जसोल पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर एचपीसीएल की कच्चा तेल ले जाने वाली पाइपलाइन से गैरकानूनी तरीके से तेल निकालने की बात कबूल की।
जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरोह ने कलुडी गांव के पास बंजर जमीन पर एक गहरा गड्ढा खोदा और कच्चा तेल निकालने के लिए पाइपलाइन पर एक वॉल्व लगाया।
गिरफ़्तारियों के बाद एचपीसीएल अधिकारियों को सूचित किया गया। खबरों के अनुसार, एचपीसीएल कर्मचारियों और राजस्थान पुलिस की संयुक्त जांच में पाइपलाइन से जुड़े एक अवैध वॉल्व के लगे होने की पुष्टि हुई। रिफाइनरी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर श्रवण कुमार जाट (24) की शिकायत के आधार पर जसोल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर के अनुसार, यह घटना 9 अगस्त को हुई और 10 अगस्त की रात को सामने आई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान घनश्याम सोनी (54) गांव नागलपुर, जिला मेहसाणा, गुजरात, रमेश ठाकोर (41) चलासन, गुजरा, महेश ठाकोर (32) चलासन, गुजरात; सुरेजी ठाकोर (32) - जोताना, गुजरात, जयसिंह चुडासमा (34) - धोराजी, राजकोट जिला, गुजरात, मुकेश कुमार मेघवाल (44) - मूलतः राजस्थान के जालोर जिले के जसवन्तपुरा के रहने वाले हैं, वर्तमान में अहमदाबाद में रहते हैं। रणजीत चौरसिया (48) - कलोल, गांधीनगर जिला, गुजरात; दिलीप यादव (35) आसपुर, इटावा (यूपी)।
जांच करने वालों ने बताया कि चोरी किया गया कच्चा तेल कथित तौर पर राजस्थान के ब्यावर के रहने वाले गोविंद सिंह चौहान को बेचा गया था। चोरी हुए तेल की मात्रा इससे जुड़े पैसों के लेनदेन और इस नेटवर्क में दूसरे लोगों की संभावित भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
एटीएस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर चोरी को अंजाम देने से पहले करीब छह महीने तक पाइपलाइन की रेकी की थी। कथित मुख्य आरोपी घनश्याम सोनी पाइपलाइन और आसपास के इलाके का सर्वे करते समय जालोर जिले के जसवंतपुरा के रहने वाले मुकेश मेघवाल के घर पर रुका था।
जांचकर्ताओं ने बताया कि रेकी के बाद, रंजीत, रमेश, सुरेजी, महेश और दिलीप यादव टपरा गांव के पास सड़क किनारे एक ढाबे पर करीब एक महीने तक रुके।
पुलिस और एटीएस अब इस गैंग के बड़े नेटवर्क, चोरी किए गए कच्चे तेल को ठिकाने लगाने और एचपीसीएल पाइपलाइन के दूसरे हिस्सों पर भी ऐसी ही कोशिशें की गई थीं या नहीं, इन बातों की जांच कर रहे हैं।
--आईएएनएस
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
बाड़मेर
Advertisement
राजस्थान से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


