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साम्प्रदायिक सियासत से संवैधानिक सुधार को बंधक नहीं बनाया जा सकता: मुख्तार अब्बास नकवी

नकवी ने कहा कि साम्प्रदायिक सियासत से संवैधानिक सुधार को बंधक नहीं बनाया जा सकता। वक्फ सुधार से न ईमान को खतरा है न इस्लाम को नुकसान है। यह सुधार वर्तमान वक्फ सिस्टम के प्रशासनिक संरक्षण, संवर्धन, सशक्तिकरण की संवैधानिक गारंटी है।
उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन पर बहस के दौरान संसद में तर्कों, तथ्यों की कंगाली से जूझ रहे लोग सड़क पर मवाली जैसे व्यवहार में जुटकर, संवैधानिक सुधार पर सांप्रदायिक वार के जरिए भय-भ्रम के भंवरजाल में डटे हैं। हर संवैधानिक-समावेशी सुधार पर सांप्रदायिक-सियासी वार की हिस्ट्रीशीटर हुड़दंगी जमात की सोच, सनक, साजिश समाज के सौहार्द के ताने-बाने को तार-तार करने की अपराधिक करतूत से भरपूर है।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने विभिन्न आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक सुधार के जरिए समावेशी, सर्वस्पर्शी सशक्तिकरण को सशक्त किया है। सुधार पर स्वार्थी प्रहार की पाखंडी प्रयोगशाला परास्त हो रही है।
नकवी ने कहा कि भारत में सुशासन और समावेशी सुधार का अमृत काल चल रहा है, जिसने 'साम्प्रदायिक छल के रिवाज को सुशासन के मिजाज से छूमंतर किया है।"
भाजपा जिला कार्यालय में हुए कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्याली राम लोधी, पूर्व राज्य मंत्री शिव बहादुर सक्सेना, भाजपा जिला अध्यक्ष हरीश गंगवार, नगर विधायक आकाश सक्सेना, उत्तर प्रदेश पिछला वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, नगर पालिका अध्यक्ष बिलासपुर चित्रक मित्तल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य सुनीता सैनी मौजूद रहीं।
--आईएएनएस
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