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जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे कांग्रेस के यूपी प्रभारी, आजम खां की पत्नी से मुलाकात से गरमाई सियासत

khaskhabar.com: बुधवार, 29 जुलाई 2026 4:09 PM (IST)
जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे कांग्रेस के यूपी प्रभारी, आजम खां की पत्नी से मुलाकात से गरमाई सियासत
रामपुर । मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश पर फिलहाल लगी रोक के बीच उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के बुधवार को जौहर विश्वविद्यालय पहुंचने और बाद में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां की पत्नी एवं पूर्व सांसद तंजीन फातिमा से मुलाकात करने को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इस दौरान उन्होंने योगी सरकार की कार्रवाई को शिक्षा विरोधी बताते हुए विश्वविद्यालय के समर्थन में कांग्रेस के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। राजेंद्र पाल गौतम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रामपुर पहुंचे। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने के फैसले के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों और शिक्षकों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। कांग्रेस पार्टी इस कार्रवाई का विरोध करती है और विश्वविद्यालय के संरक्षण के लिए हरसंभव संवैधानिक लड़ाई लड़ेगी। इसके बाद कांग्रेस प्रभारी ने रामपुर के वरिष्ठ नेताओं, जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और फिर पूर्व सांसद तंजीन फातिमा से मुलाकात कर जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि विश्वविद्यालय का मुद्दा लंबे समय से प्रदेश की राजनीति का प्रमुख विषय बना हुआ है।
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय महान स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी नेता, पत्रकार और शिक्षाविद मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित किया गया है। ऐसे संस्थान का संरक्षण केवल एक विश्वविद्यालय की रक्षा नहीं, बल्कि देश की शैक्षणिक और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत के सम्मान का भी विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व्यक्तिगत राजनीतिक दुर्भावना के चलते कार्रवाई कर रही है। उनका कहना था कि यदि किसी संस्थान के साथ केवल इस वजह से कार्रवाई की जाती है कि उसका निर्माण किसी राजनीतिक व्यक्ति ने कराया था, तो यह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उल्लेखनीय है कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने जौहर विश्वविद्यालय परिसर के 38 भवनों को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। हालांकि, इस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने फिलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। ऐसे में कांग्रेस के शीर्ष प्रदेश नेतृत्व का विश्वविद्यालय पहुंचना और आजम खां के परिवार से मुलाकात करना इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ले आया है।
--आईएएनएस

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