Congress Kept Evading the Public Mandate; Elections Held Only After Supreme Court Order: Dr. Rajiv Bindal-m.khaskhabar.com
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जनता के जनादेश से भागती रही कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर करवाने पड़े चुनाव : डॉ. राजीव बिंदल

khaskhabar.com: बुधवार, 17 जून 2026 4:33 PM (IST)
जनता के जनादेश से भागती रही कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर करवाने पड़े चुनाव : डॉ. राजीव बिंदल
नाहन। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में संपन्न हो जाने चाहिए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने संविधान और जनभावनाओं दोनों को ताक पर रखकर चुनावों को जानबूझकर टालने का काम किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पहले से ही अंदेशा था कि जनता उनकी सरकार को नकारने वाली है, इसलिए कांग्रेस चुनावों से भागती रही। डॉ. बिंदल ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू हुई और जैसे ही चुनाव हुए, कांग्रेस की वास्तविक स्थिति प्रदेश के सामने आ गई। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस सरकार जनता का विश्वास पूरी तरह खो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पहले दावा किया था कि उन्होंने 80 प्रतिशत सीटें जीत ली हैं, लेकिन आज वास्तविकता सामने आ चुकी है। जिला परिषद चुनावों में प्रदेश के 12 में से 11 जिलों में भाजपा स्पष्ट बहुमत और मजबूत स्थिति में है, फिर भी कांग्रेस सरकार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनावों को टालने का प्रयास कर रही है। नगर परिषदों के चुनावों में भी जानबूझकर देरी की गई, जिससे सरकार की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता उजागर हुई है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ स्पष्ट जनमत दिया है। जनता ने भ्रष्टाचार, तानाशाही, टैक्सों की मार, कानून व्यवस्था की विफलता और विकास कार्यों में ठहराव के खिलाफ मतदान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने 2000 से अधिक संस्थानों पर ताले लगाए, जनता पर नए-नए करों का बोझ डाला और प्रदेश को विकास की बजाय अव्यवस्था की ओर धकेल दिया।
उन्होंने विशेष रूप से सिरमौर जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के करीबी नेताओं और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले में भी जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। जिला परिषद की 17 सीटों में से 14 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत इस बात का प्रमाण है कि जनता कांग्रेस के कुशासन से तंग आ चुकी है।
बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिला स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है। अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और दवाइयों की भारी कमी है। ऑपरेशन थिएटर बंद पड़े हैं, वेंटिलेटर स्टोरों में धूल खा रहे हैं और मरीजों को हिमकेयर जैसी सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को इलाज के लिए उत्तराखंड, हरियाणा और चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में यदि कोई विकास कार्य चल रहे हैं तो वे केवल केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वीकृत परियोजनाओं के कारण चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और अन्य केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य हो रहे हैं, जबकि प्रदेश सरकार की ओर से विकास के लिए कोई ठोस योगदान दिखाई नहीं देता।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के भीतर ही भारी अस्थिरता और अंतर्विरोध हैं। मंत्री, विधायक और अधिकारी एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान दे रहे हैं। सरकार के भीतर समन्वय पूरी तरह समाप्त हो चुका है और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है। उन्होंने कहा कि चार वर्षों के कार्यकाल में सरकार जनकल्याण के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।
उन्होंने प्रदेश की जनता और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने भाजपा के प्रति अपना विश्वास प्रकट किया है। यह जनादेश स्पष्ट संकेत है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में हिमाचल प्रदेश में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और कांग्रेस का प्रदेश की राजनीति से लगभग सफाया हो जाएगा।

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