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JPNIC के लिए प्राइवेट कंपनी बनाकर सरकारी खजाने पर डकैती डाल रहे थे अखिलेश-डिंपल: सीएम योगी

khaskhabar.com: शनिवार, 29 अगस्त 2026 5:43 PM (IST)
JPNIC के लिए प्राइवेट कंपनी बनाकर सरकारी खजाने पर डकैती डाल रहे थे अखिलेश-डिंपल: सीएम योगी
देवरिया । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि लखनऊ में बने जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) की प्रारंभिक लागत मात्र 200 करोड़ थी। सपा ने इस पर 864 करोड़ खर्च कर दिए, तब भी यह अधूरा रहा। यह पैसा ‘सैफई सिंडिकेट’ का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का पैसा था। ये लोग जनता का पैसा पानी की तरफ बहाते थे। यदि अब सरकार उस पर पैसा लगाती तो कम से कम 150-200 करोड़ रुपये और खर्च होते। ये लोग सरकार के खजाने से 900-1000 करोड़ खर्च करके इस सेंटर को एक प्राइवेट कंपनी को देना चाहते थे, जिसमें अखिलेश, डिंपल व धर्मेंद्र यादव शामिल थे। सीएम योगी शनिवार को सलेमपुर व भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बाबा दुग्धेश्वर नाथ की धरा पर उमड़े जनसमुद्र का अभिनंदन किया और 2017 के पहले की दुर्दशा और इसके बाद आए सकारात्मक बदलावों को भी बताया। उन्होंने कहा कि सपा की मंशा थी कि सरकार के पैसे से बने जेपीएनआईसी को प्राइवेट कंपनी चलाएगी। इसमें होटल, क्लब, जिम आदि रहेगा और कमाई भी घर में ही जाएगी। अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव व इनके शागिर्द प्राइवेट कंपनी बनाकर प्रदेश के खजाने पर डकैती डाल रहे थे। 2017 में हमारी सरकार आई तो हमने इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण को दे दिया, उसने जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद विज्ञापन निकाला। हम इस प्रोजेक्ट पर और पैसा खर्च करने को तैयार नहीं थे, बल्कि जो पैसा खर्च हुआ है वह भी सरकारी खजाने में आए, इसके लिए सरकार ने व्यवस्था प्रारंभ की है। जिस पैसे से युवाओं को रोजगार मिलता, फ्लाईओवर, इनोवेशन सेंटर, विश्वविद्यालय आदि बनते, अपनी अय्याशी के लिए प्रदेश के खजाने में डकैती डालने का पाप करने वाले सपा मुखिया को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
सीएम योगी ने सपा को लूटखसोट का पर्याय और डकैतों का गिरोह बताया, कहा कि 2017 के पहले ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा चलता था। बेटी की सुरक्षा को लेकर माता-पिता और भाइयों को चिंता रहती थी। जब हम 26 अगस्त को निशुल्क बस सेवा का शुभारंभ करने जा रहे थे, तब सपा के बबुआ की नींद टूटी और उन्होंने जल्दी-जल्दी में प्रेसवार्ता बुलाई।
उनको पता ही नहीं था कि क्या बोलना है, उन्होंने कहा कि लोगों से 40 हजार रुपए लेंगे। उन्हें पता ही नहीं था कि यह लेने के लिए नहीं, बल्कि देने के लिए कार्यक्रम है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सपा के ‘बबुआ’ 12 बजे सोकर उठते हैं। इससे उनका दिमाग भारी रहता है और वह झुंझलाते हैं। पत्रकारों के सवाल पर वह गाली-गलौच व हाथापाई करने पर उतारू हो जाते हैं। मैंने सुना कि अखिलेश यादव ने एक बार पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी। मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम करता है। यदि कोई सरकार-प्रशासन गलत करता है तो मीडिया उस ओर ध्यानाकर्षण कराती है, लेकिन जब मीडिया ने बबुआ की सच्चाई उजागर की तो उन्होंने पत्रकार के गले पर तलवार रख दी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परिवहन निगम की बसों में तीन दिन (27 से 29 अगस्त) तक सहयात्री के साथ नि:शुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई। पिछले दो दिनों में लाखों महिलाओं ने निशुल्क यात्रा का लाभ उठाया। आज भी नि:शुल्क बस सेवा जारी है। कल से 60 वर्ष से ऊपर की माताओं को निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार जनता के टैक्स का पैसा रिटर्न कर रही है। 16 करोड़ गरीबों को नि:शुल्क राशन मिल रहा है। अब कोई इनके राशन पर डाका नहीं डाल सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी दरअसल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिसमें एक ही परिवार के सब लोग मिलेंगे। सपा मुखिया कहते हैं कि एक ही परिवार के पांच सांसद हैं, इसीलिए पार्टी बची है। उन्हें खैर मनानी चाहिए कि सपा बची है, वर्ना वही हाल होगा जो जनता दल का हुआ था। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि नौकरियों की कमी नहीं है। जल्द ही एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी मिलेगी। इसमें 45 हजार होमगार्ड, 36 हजार पुलिस कार्मिकों (4 हजार सब इंस्पेक्टर भी) की भर्ती होगी। उप्र पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत अलग-अलग विभागों में 30 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। जल्द ही शिक्षकों की भर्ती भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि यूपीटीईटी की परीक्षा में 13 लाख नौजवान उत्तीर्ण हुए हैं। इस भर्ती का अधियाचन जा चुका है, विज्ञापन जारी होने वाला है। इन नौजवानों के लिए भी जल्द ही नौकरी का खजाना निकलने वाला है। सरकार दो करोड़ नौजवानों को टैबलेट देगी। 50 लाख से अधिक नौजवान यह पा चुके हैं, 25 लाख का फिर से ऑर्डर दिया गया है। स्नातक अंतिम वर्ष के बच्चों को टैबलेट देंगे। अब कोई नौकरी में सेंध नहीं लगा पाता, सपा मुखिया को इसी बात की चिढ़ है। अब हर जनपद के नौजवानों को नौकरी मिलती है। नौजवान के लिए हर जगह नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार है। हर न्याय पंचायत स्तर पर डिजिटल एंटरप्रेन्योर के रूप में नौजवान को कार्य दिया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती व सिद्धार्थनगर के लिए भय व दहशत का माहौल लेकर आता था कि इंसेफेलाइटिस न जाने किस बच्चे को निगल ले। माता-पिता भय के साये में जीने को मजबूर थे। यह सपा व कांग्रेस सरकारों की बीमार मानसिकता थी, जो मासूमों को निगलती थी, लेकिन इनकी संवेदना मर चुकी थी। 40 वर्ष में 50 हजार मासूमों की जान गई, लेकिन सपा का मुख्यमंत्री या कांग्रेस का मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री एक बार भी देखने या गरीब का हालचाल लेने नहीं आया। 2017 से पहले बच्चा नंगे पैर स्कूल जाता था, भवन जर्जर थे, बेटी स्कूल छोड़ देती थी, शिक्षक नहीं थे, गरीबों का राशन हड़प लिया जाता था। मुसहर, गरीब, वंचित, दलित भूख से दम तोड़ता था, लेकिन तत्कालीन सरकारें उसका हाल नहीं लेती थीं, बल्कि गरीबों का राशन बेचकर अपनी पार्टी को माफिया के हवाले कर चुकी थीं। माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार हर बच्चे की फिक्र करती है। जुलाई हो या नवंबर, अब किसी माता-पिता को मासूम की चिंता नहीं करनी है। हमने इंसेफेलाइटिस (नवकी बीमारी) को सदैव के लिए समाप्त कर दिया है। सुशासन का परिणाम है कि गरीब को बिना मांगे राशन, बिजली, आवास, शौचालय और नौजवान को रोजगार व सरकारी नौकरी मिल रही है। सीएम ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार आने के बाद देवरिया में विकास कार्य नए प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। महर्षि देवरहा बाबा के नाम पर अब देवरिया में मेडिकल कॉलेज है। स्वाधीनता संग्राम सेनानी राघव बाबा कांग्रेस के विधायक थे, लेकिन कांग्रेस सरकार के विरोध के बावजूद उन्होंने दो-टूक कहा था कि राम आन-बान-शान के प्रतीक हैं। यदि कांग्रेस सरकार राम मंदिर के मार्ग में बाधा बनेगी तो वह स्वीकार नहीं करेंगे। वह रामजन्मभूमि आंदोलन में कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का खुलकर विरोध करते थे।
सीएम ने कहा कि अब यूपी को कोई बीमारू नहीं कहता। अब देश-दुनिया वालों के चेहरे की चमक बताती है कि वे यूपी के नाम पर खुश हैं। वे कहते हैं कि काश, मेरा भी जन्म यूपी में हुआ होता, हम भी रामराज्य का अनुभव करते। माफिया मिट्टी में मिल गए। व्यापारी व बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की एकमात्र जगह जेल है या जहन्नुम। सीएम ने जिनकी इच्छाशक्ति मर चुकी है, उनसे क्या ही उम्मीद रखना। जब कोई मुख्यमंत्री 16-18 घंटे मेहनत करेगा, तब सुरक्षा और परिवर्तन ला पाएगा। विधायकों से मांगे गए प्रस्तावों को हम तत्काल स्वीकृति देते हैं। सभाकुंवर जी के प्रस्ताव पर फ्लाईओवर को स्वीकृति दी। दुग्धेश्वर नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई है। सपा मंदिरों के सौंदर्यीकरण का पैसा कब्रिस्तानों पर बहाती थी।
--आईएएनएस

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