गेहूं के प्रसंस्करण में गुणवत्ता नियंत्रण अनिवार्य: राज्य खाद्य आयोग

मिलर्स को एफसीआई गोदामों से ही निम्न गुणवत्ता अथवा संक्रमित गेहूं को अस्वीकार करने तथा प्रतिस्थापन के लिए उचित दस्तावेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह भी निर्णय लिया गया कि मिलर्स संबंधित जिला नियंत्रकों को खरीद एवं मिलिंग की समय सीमा संबंधी नियमित एवं समेकित जिलावार रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
गुणवत्ता आश्वासन एवं निगरानी के संबंध में प्री-डिस्पैच परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया। औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया ताकि समयबद्ध एवं वैज्ञानिक गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में खरीद, मिलिंग एवं वितरण प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग प्रणाली अपनाने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
मिलर्स ने कई परिचालन संबंधी चुनौतियों के बारे में भी अवगत करवाया, जिनमें पैकेजिंग और परिवहन एवं बिजली की लागत आदि से संबंधित विषय शामिल हैं।
बैठक में आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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