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राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का हल्ला बोल, मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में शिमला में प्रदर्शन

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राम के असली भक्त, उनके नाम पर राजनीति नहीं करते। भगवान राम का मुख्य उद्देश्य इंसानियत की सेवा करना है। हिन्दू संस्कृति सिखाती है कि सभी का सम्मान करो। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद करोड़ों लोगों ने अपनी क्षमतानुसार जेवर तथा पैसे के रूप में चंदा दान किया। भगवान राम द्वारा जो रास्ता दिखाया है उसको अपनाएं। लेकिन राम मंदिर में जो चंदा चोर बैठे हैं, इन चोरों ने चंदे की चोरी ही नहीं की है, बल्कि रामभक्तों की आस्था की चोरी की है। जहां आस्था की चोरी होती है, वहां भारत के सभी नागरिक इसके विरुद्ध खड़े हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह एक भावनात्मक मुद्दा है तथा मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने राम मंदिर में पूजा-अर्चना कर भाजपा के जिन कार्यकर्त्ताओं ने राम मंदिर के चंदे की चोरी की है, उन्हें सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की है। ऐसे लोग जो राम और धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं तथा चंदा इकट्ठा करते हैं, ऐसे लोगों को सद्बुद्धि मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर का श्रेय सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी को जाना चाहिए जिन्होंने राम मंदिर का ताला खोला था। उन्होंने कहा कि हम सबमें भगवान राम के प्रति आस्था है, परन्तु हम भावना के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहते। हम हिन्दू संस्कृति में विश्वास रखते हैं तथा सभी धर्र्माे का सम्मान करते हैं, जबकि भाजपा केवल राम के नाम पर राजनीति करती है तथा हम भगवान राम के ईमानदार आदर्शों पर चलने वाले हैं।
इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने जाखू मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।
इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरीश जनारथा, विनोद सुल्तानपुरी एवं सुदर्शन बबलू, प्रदेश कांग्रेस महासचिव विनोद जिंटा, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, बोर्डों एवं निगमों के चेयरमैन और उपाध्यक्ष, कांग्रेस के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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