Advertisement
श्री अमर हरि शीतल धाम में गूंज रही भक्तिमय श्री भक्तमाल कथा, आज संत महिमा और भक्ति संदेशों का होगा विशेष रसपान

इंदौर से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक साईं गुरुमुखदास रामानंदी अपनी मधुर वाणी और प्रभावशाली शैली से श्रद्धालुओं को भक्तिमार्ग की ओर प्रेरित कर रहे हैं। कथा के माध्यम से वे संत महापुरुषों के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का वर्णन कर रहे हैं। उनके प्रवचनों में भक्ति, सेवा, वैराग्य, सदाचार और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों पर विशेष प्रकाश डाला जा रहा है।
कथा के पूर्व दो दिनों में श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत पुराण मूल पाठ तथा भक्तमाल कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। अब आयोजन अपने मध्य चरण में पहुंच चुका है और आज का दिन भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
भक्ति संगीत से सराबोर हो रहा वातावरण
प्रतिदिन कथा से पूर्व और कथा के दौरान प्रस्तुत किए जा रहे भक्ति गीतों एवं संकीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। कथा स्थल पर पहुंचने वाले भक्तों के लिए धार्मिक व्यवस्था और सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
कल होगा वटवृक्ष पूजन का विशेष आयोजन
साईं जय कुमार उदासी ने बताया कि रविवार, 14 जून को श्री भक्तमाल कथा के साथ वटवृक्ष पूजन का विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। वहीं 15 जून को श्रीमद्भागवत पुराण मूल पाठ की पूर्णाहुति, कथा समापन, हवन, सत्संग, प्रवचन और प्रसाद वितरण के साथ पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा।
श्रद्धालुओं से कथा श्रवण का आह्वान
आयोजन से जुड़े संतों एवं समिति सदस्यों ने धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की है। उनका कहना है कि संत वाणी और धार्मिक कथाएं केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का भी कार्य करती हैं। पुरुषोत्तम मास में आयोजित यह कथा श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
यह भी प�?े
जीवन मंत्र
Advertisement
Traffic
Features


