Devotional Atmosphere Prevails at Shri Amar Hari Sheetal Dham, Special Session of Shri Bhaktamal Katha Today-m.khaskhabar.com
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श्री अमर हरि शीतल धाम में गूंज रही भक्तिमय श्री भक्तमाल कथा, आज संत महिमा और भक्ति संदेशों का होगा विशेष रसपान

khaskhabar.com: शनिवार, 13 जून 2026 1:23 PM (IST)
श्री अमर हरि शीतल धाम में गूंज रही भक्तिमय श्री भक्तमाल कथा, आज संत महिमा और भक्ति संदेशों का होगा विशेष रसपान
जयपुर। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर शास्त्री नगर स्थित श्री अमर हरि शीतल धाम इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है। पांच दिवसीय संगीतमय श्री भक्तमाल कथा एवं श्रीमद्भागवत पुराण मूल पाठ के अंतर्गत आज शनिवार, 13 जून 2026 को कथा का तीसरा दिवस श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व लेकर आया है। प्रतिदिन की तरह आज भी सायंकाल कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जहां संत परंपरा, भक्ति और आध्यात्मिक जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा। कथा स्थल पर सुबह से ही धार्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है। पुरुषोत्तम मास के इस विशेष आयोजन ने क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य किया है। कथा के दौरान संतों के त्याग, तपस्या, समाज कल्याण और ईश्वर भक्ति से जुड़े प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त हो रही है। साईं गुरुमुखदास करा रहे कथा का रसपान
इंदौर से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक साईं गुरुमुखदास रामानंदी अपनी मधुर वाणी और प्रभावशाली शैली से श्रद्धालुओं को भक्तिमार्ग की ओर प्रेरित कर रहे हैं। कथा के माध्यम से वे संत महापुरुषों के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का वर्णन कर रहे हैं। उनके प्रवचनों में भक्ति, सेवा, वैराग्य, सदाचार और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों पर विशेष प्रकाश डाला जा रहा है।
कथा के पूर्व दो दिनों में श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत पुराण मूल पाठ तथा भक्तमाल कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। अब आयोजन अपने मध्य चरण में पहुंच चुका है और आज का दिन भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
भक्ति संगीत से सराबोर हो रहा वातावरण
प्रतिदिन कथा से पूर्व और कथा के दौरान प्रस्तुत किए जा रहे भक्ति गीतों एवं संकीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। कथा स्थल पर पहुंचने वाले भक्तों के लिए धार्मिक व्यवस्था और सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
कल होगा वटवृक्ष पूजन का विशेष आयोजन

साईं जय कुमार उदासी
ने बताया कि रविवार, 14 जून को श्री भक्तमाल कथा के साथ वटवृक्ष पूजन का विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। वहीं 15 जून को श्रीमद्भागवत पुराण मूल पाठ की पूर्णाहुति, कथा समापन, हवन, सत्संग, प्रवचन और प्रसाद वितरण के साथ पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा।
श्रद्धालुओं से कथा श्रवण का आह्वान
आयोजन से जुड़े संतों एवं समिति सदस्यों ने धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की है। उनका कहना है कि संत वाणी और धार्मिक कथाएं केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का भी कार्य करती हैं। पुरुषोत्तम मास में आयोजित यह कथा श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

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