Sambhal Violence Case: Court Orders FIR Against 12 Policemen, Including ASP Anuj Chaudhary-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Oct 16, 2026 8:24 pm
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

संभल हिंसा मामला : एएसपी अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश

khaskhabar.com: बुधवार, 14 जनवरी 2026 09:19 AM (IST)
संभल हिंसा मामला : एएसपी अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में नवंबर 2024 में हुई हिंसा के मामले में अदालत ने संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर की अदालत ने मंगलवार को तत्कालीन सीओ संभल अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश यामीन नामक व्यक्ति की याचिका पर पारित किया गया, जिसके बेटे आलम को पुलिस फायरिंग में गोली लगने का आरोप है। याचिकाकर्ता यामीन, जो नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय अंजुमन निवासी हैं, ने 6 फरवरी 2025 को सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि उनका 24 वर्षीय बेटा आलम 24 नवंबर 2024 को घर से रस्क (टोस्ट) बेचने निकला था। शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में पहुंचने पर पुलिस ने कथित तौर पर उस पर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यामीन ने आरोप लगाया कि यह फायरिंग बिना उकसावे के की गई और पुलिस ने हिंसा को दबाने के नाम पर निर्दोष युवक को निशाना बनाया।
याचिका में तत्कालीन सीओ संभल अनुज चौधरी और संभल कोतवाली के इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों को नामजद आरोपी बनाया गया था। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि पुलिस ने घटना के बाद कोई उचित जांच नहीं की और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने में भी लापरवाही बरती गई।
मामले की सुनवाई 9 जनवरी 2026 को हुई, जिसमें कोर्ट ने याचिका पर गहन विचार-विमर्श के बाद सभी नामजद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
अनुज चौधरी उस समय संभल के सर्कल ऑफिसर थे और वर्तमान में फिरोजाबाद में एएसपी ग्रामीण के पद पर तैनात हैं। आदेश के बाद पुलिस विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। कई वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों से संपर्क में हैं। संभल हिंसा का यह मामला नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में हुई झड़प से जुड़ा है, जिसमें पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव हुआ था। पुलिस का दावा था कि हिंसा को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया, जबकि स्थानीय निवासियों ने इसे अत्यधिक और निर्दोषों पर हमला बताया था।
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement