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करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए बना फर्जी गोद पुत्र, दो पिताओं के नाम का कर रहा इस्तेमाल, 74 वर्षीय वृद्धा ने दर्ज कराया मामला

बंटवारे के वाद में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा:
परिवादिया कमला देवी ने संपत्ति बंटवारे के लिए न्यायालय में वाद पेश किया था। बहन मोहिनी देवी की मृत्यु के बाद, नंदकिशोर (निवासी घोड़ों का चौक, सदर बाजार) नामक व्यक्ति ने खुद को आसनदास का गोद पुत्र बताते हुए संपत्ति पर अपना दावा पेश कर दिया। जब परिवादिया ने पड़ताल की, तो सामने आया कि नंदकिशोर ने मोहिनी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची थी।आरोप है कि बिना किसी रजिस्टर्ड गोदनामे या कानूनी प्रक्रिया के, आरोपी ने स्कूल के रिकॉर्ड में अपना नाम 'नंदकिशोर पुत्र आसनदास' दर्ज करवा लिया, ताकि पूरी संपत्ति हड़पी जा सके। इसके अलावा एक जाली वसीयत भी तैयार करने का आरोप लगाया गया है।
दो पिताओं के नाम का खेल:
शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि नंदकिशोर के असली पिता का नाम मोहनदास है। वर्तमान में आरोपी के वोटर आईडी कार्ड, अन्य सरकारी दस्तावेजों और यहां तक कि मोहिनी देवी के निधन पर अखबारों में छपे शोक संदेशों में भी उसे 'मोहनदास का पुत्र' ही बताया गया है। आरोपी घंटाघर क्षेत्र में कपड़े का व्यापार करता है, जहां भी आम लोग उसे मोहनदास के बेटे के रूप में ही जानते हैं। इस प्रकार, आरोपी एक तरफ अपने असली पिता मोहनदास की संपत्ति में हक ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परिवादिया के पिता की संपत्ति हड़पने का प्रयास कर रहा है।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज:
उदयमंदिर थाना पुलिस ने परिवादिया कमला देवी की रिपोर्ट पर आरोपी नंदकिशोर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना और उन्हें असली के रूप में इस्तेमाल करना) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच सहायक उप-निरीक्षक (ASI) श्यामलाल को सौंप दी गई है। पुलिस अब उन दस्तावेजों की जांच करेगी जिनके आधार पर आरोपी ने खुद को गोद पुत्र साबित करने का प्रयास किया है।
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