Man poses as adopted son to usurp property worth crores, uses names of two different fathers-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Jul 22, 2026 7:11 pm
Location
 
   राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए बना फर्जी गोद पुत्र, दो पिताओं के नाम का कर रहा इस्तेमाल, 74 वर्षीय वृद्धा ने दर्ज कराया मामला

khaskhabar.com: बुधवार, 10 जून 2026 2:34 PM (IST)
करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए बना फर्जी गोद पुत्र, दो पिताओं के नाम का कर रहा इस्तेमाल, 74 वर्षीय वृद्धा ने दर्ज कराया मामला
​जोधपुर। शहर के उदयमंदिर थाना इलाके में पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए फर्जीवाड़ा रचने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के खुद को फर्जी तरीके से मृतक का 'गोद पुत्र' (दत्तक पुत्र) घोषित कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी सरकारी दस्तावेजों में अपने असली पिता और कथित गोद लेने वाले पिता, दोनों के नामों का अलग-अलग जगह इस्तेमाल कर रहा है। इस संबंध में 74 वर्षीय एक वृद्धा ने उदयमंदिर पुलिस थाने में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज करवाया है। ​क्या है पूरा मामला : पुलिस के अनुसार, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी 74 वर्षीय कमला देवी पत्नी ठाकुरदास सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिवादिया ने बताया कि उनके पिता आसनदास भारत-पाक बंटवारे के समय पाकिस्तान से जोधपुर आकर बसे थे। उन्होंने अपनी मेहनत से घोड़ों का चौक और रिफ्यूजी मार्केट (चौपासनी रोड) में संपत्तियां अर्जित की थीं। पिता आसनदास की केवल दो बेटियां थीं- कमला देवी और मोहिनी देवी। 25 मार्च 1982 को पिता आसनदास का निधन हो गया था। बाद में 3 दिसंबर 2019 को उनकी बहन मोहिनी देवी का भी इंतकाल हो गया।
​बंटवारे के वाद में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा:
परिवादिया कमला देवी ने संपत्ति बंटवारे के लिए न्यायालय में वाद पेश किया था। बहन मोहिनी देवी की मृत्यु के बाद, नंदकिशोर (निवासी घोड़ों का चौक, सदर बाजार) नामक व्यक्ति ने खुद को आसनदास का गोद पुत्र बताते हुए संपत्ति पर अपना दावा पेश कर दिया। जब परिवादिया ने पड़ताल की, तो सामने आया कि नंदकिशोर ने मोहिनी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची थी।​आरोप है कि बिना किसी रजिस्टर्ड गोदनामे या कानूनी प्रक्रिया के, आरोपी ने स्कूल के रिकॉर्ड में अपना नाम 'नंदकिशोर पुत्र आसनदास' दर्ज करवा लिया, ताकि पूरी संपत्ति हड़पी जा सके। इसके अलावा एक जाली वसीयत भी तैयार करने का आरोप लगाया गया है।
​दो पिताओं के नाम का खेल:
शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि नंदकिशोर के असली पिता का नाम मोहनदास है। वर्तमान में आरोपी के वोटर आईडी कार्ड, अन्य सरकारी दस्तावेजों और यहां तक कि मोहिनी देवी के निधन पर अखबारों में छपे शोक संदेशों में भी उसे 'मोहनदास का पुत्र' ही बताया गया है। आरोपी घंटाघर क्षेत्र में कपड़े का व्यापार करता है, जहां भी आम लोग उसे मोहनदास के बेटे के रूप में ही जानते हैं। इस प्रकार, आरोपी एक तरफ अपने असली पिता मोहनदास की संपत्ति में हक ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परिवादिया के पिता की संपत्ति हड़पने का प्रयास कर रहा है।
​गंभीर धाराओं में मामला दर्ज:
उदयमंदिर थाना पुलिस ने परिवादिया कमला देवी की रिपोर्ट पर आरोपी नंदकिशोर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना और उन्हें असली के रूप में इस्तेमाल करना) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच सहायक उप-निरीक्षक (ASI) श्यामलाल को सौंप दी गई है। पुलिस अब उन दस्तावेजों की जांच करेगी जिनके आधार पर आरोपी ने खुद को गोद पुत्र साबित करने का प्रयास किया है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement