पूर्व पीएम देउबा और पत्नी के खिलाफ काठमांडू में गिरफ्तारी वारंट जारी

पिछले साल सितंबर में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान देउबा, प्रचंड की बेटी और पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का के आवासों से जले हुए कैश के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर सर्कुलेट हुई थीं। खड़का तब से जांच के लिए पुलिस हिरासत में हैं।
प्रदर्शनकारियों ने उनके घरों में आग लगा दी थी। फोरेंसिक जांच में बाद में पुष्टि हुई कि करेंसी नोटों के टुकड़े असली थे, जिससे पूरी तरह से जांच शुरू हो गई, क्योंकि इस बात का शक था कि तस्वीरें शायद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाई गई हों।
हालांकि, देउबा और उनकी पत्नी देश के बाहर हैं। वे 26 फरवरी को इलाज के लिए सिंगापुर गए थे। वे घर वापस नहीं आए हैं और खबर है कि वे हांगकांग में हैं।
सूत्रों ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि देउबा दंपति के खिलाफ यह गिरफ्तारी वारंट इसलिए जारी किया गया है, ताकि इंटरपोल रेड नोटिस के लिए प्रक्रिया शुरू की जा सके। रेड नोटिस आने के बाद विदेश में ही उन्हें रोका जा सकता है और नेपाल वापस लाने में मदद मिलेगी।
शेर बहादुर देउबा पांच बार नेपाल के प्रधानमंत्री रहे हैं और 1991 से नेपाल की राजनीति में एक अहम हस्ती रहे हैं। वे लगातार अपने गृह जिले डाडेलधुरा से चुनाव जीतते आए हैं। इस बार उन्होंने पांच मार्च को हुए चुनाव में हिस्सा नहीं लिया।
--आईएएनएस
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