A guest lecture was organized at the Ayurveda University to connect AYUSH students with cancer research.-m.khaskhabar.com
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आयुर्वेद वि वि मे आयुष छात्रों को कैंसर रिसर्च से जोड़ने के लिए अतिथि व्याख्यान का आयोजन

khaskhabar.com: शनिवार, 15 नवम्बर 2025 2:56 PM (IST)
आयुर्वेद वि वि मे आयुष छात्रों को कैंसर रिसर्च से जोड़ने के लिए अतिथि व्याख्यान का आयोजन
आरपीएससी सदस्य एवं वरिष्ठ ऑंकोलॉजिस्ट डॉ. अशोक कलवार ने इंटीग्रेटिव ऑन्कोलॉजी पर दिया मार्गदर्शन। आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान मिलकर कैंसर के रोकथाम का करेंगे प्रयास -डॉ अशोक कलवार कैंसर उपचार में समन्वित चिकित्सा (इंटीग्रेटिव ऑन्कोलॉजी ) की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है -डॉ कलवार
जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन में स्नातकोत्तर अगदन्त्र विभाग, पीजीआईए की ओर से “ब्रिजिंग टू वर्ल्ड्स : हाउ आयुष स्टूडेंट्स केन कांट्रीब्यूट टू एविडेंस -बेस्ड कैंसर रिसर्च ” विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अगदतंत्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) रितु कपूर ने स्वागत उद्बोधन के साथ की। उन्होंने विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए व्याख्यान हेतु आए विशेषज्ञडॉ अशोक कलवार का अभिनंदन किया।
मुख्य अतिथि वक्ता वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ एवं आरपीएससी के सदस्य डॉ. अशोक कलवार ने अपने विस्तृत व्याख्यान में कैंसर उपचार की वर्तमान वैज्ञानिक दिशा तथा आयुष चिकित्सा पद्धति की संभावनाओं पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि कैंसर उपचार में समन्वित चिकित्सा (इंटीग्रेटिव ऑन्कोलॉजी ) की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। साथ ही आयुर्वेद के सिद्धांतों को वैज्ञानिक शोध एवं प्रमाण आधारित पद्धति से जोड़ा जाए तो कैंसर की रोकथाम और सहायक उपचार में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। छात्रों को क्लिनिकल रिसर्च, डाटा प्रबंधन और वैज्ञानिक लेखन की ओर अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है। जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध की विश्वसनीयता मजबूत हो।उन्होंने वर्तमान के खानपान एवं रहन सहन को सुधारने पर जोर दिया ।
इस अवसर पर डीन (आयुर्वेद) प्रोफेसर महेंद्र कुमार शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसा आयोजन छात्रों में शोध की रुचि जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर पीजीआइए के प्राचार्य प्रोफेसर चंदन सिंह ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरुणा तिवारी ने सुचारु रूप से किया।
कार्यक्रम में उपकुलसचिव डॉ. मनोज अदलक्खा, वाइस प्रिंसिपल प्रोफेसर नीलीमा रेड्डी, डीन रिसर्च प्रो. देवेंद्र सिंह चाहर, होम्योपैथी महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर गर्व नागर,यूसीएनवाईएस के प्राचार्य डॉ. चंद्रभान शर्मा, विभागाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर दिनेश चंद्र शर्मा, आईटी प्रभारी प्रोफेसर हरीश कुमार सिंगल, तथा आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग एवं नेचुरोपैथी के संकाय सदस्य,स्नातक तथा स्नातकोत्तर छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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