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दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढही : राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने जताया शोक

हादसे की सूचना मिलते ही केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर संवेदनाएं और सहायता के निर्देश जारी किए गए:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित एजेंसियां मौके पर राहत कार्यों में पूरी मुस्तैदी से जुटी हैं और प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन: उपराष्ट्रपति ने जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति दुख व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: उन्होंने बहुमूल्य जानों के नुकसान को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में उनकी पूरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी: उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए बताया कि इस संदर्भ में उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री से बात कर स्थिति की समीक्षा की है और मलबे से सुरक्षित निकासी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर लिया जायजा
हादसे के बाद प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई:
घटनास्थल का निरीक्षण: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं सत्य निकेतन पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने राहत एवं बचाव दल के वरिष्ठ अधिकारियों से रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली और हर स्तर पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
निगरानी और समन्वय: मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मलबे में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित निकालने और घायलों को त्वरित व उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
40-50 साल पुरानी थी इमारत, बेसमेंट मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
दिल्ली पुलिस और आपदा प्रबंधन के प्राथमिक आकलन के अनुसार:
पीजी (Paying Guest) के रूप में हो रहा था उपयोग: हादसे की शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 वर्ष पुरानी थी। इस ढांचे में एक बेसमेंट और उसके ऊपर पांच मंजिलें निर्मित थीं, जिसे मुख्य रूप से छात्रों व कामकाजी युवाओं के लिए पीजी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
मरम्मत का काम जारी था: प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा था, जिस दौरान संभवतः संरचनात्मक कमजोरी के चलते यह पूरा ढांचा ढह गया।
सर्च ऑपरेशन जारी: कंक्रीट के भारी मलबे को हटाने के लिए क्रेन और कटर मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि नीचे फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
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