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एक्टर सोनू सूद ने बच्चों के लिए सरकार से की ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर कदम उठाने की गुजारिश

हमारे देश में 16 से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर कोई ठोस कानून नहीं है। सोशल मीडिया पर अडल्ट्री के लिए कानून बनाया है, जिसमें किसी तरह का वीडियो डालने से पहले 'नॉट फॉर किड्स' ऑप्शन चूज करना पड़ता है। ये सेटिंग फिर कुछ वीडियो को बच्चों तक पहुंचने से रोकती है लेकिन पूर्ण नियंत्रण नहीं देती। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उसकी पहुंच किसी भी उपभोक्ता तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, इसी साल सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून लागू किया है जिसके तहत सोशल मीडिया की बड़ी कंपनियों को 18 साल से कम उम्र के बच्चों का अकाउंट बनाने से पहले उनके माता-पिता से परमिशन लेनी होगी।
इस नियम से ऑनलाइन डाटा को सुरक्षित रखने पर ज्यादा जोर दिया गया, न कि बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए। ऑस्ट्रेलिया द्वारा उठाए गए इस जरूरी कदम की सराहना हर तरफ हो रही है। सोशल मीडिया की पहुंच इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि कोई भी गलत वीडियो के वायरल होने के बाद उन पर कार्रवाई करने की मांग उठती है। हाल ही में रणवीर अलाहाबादिया और समय रैना के कॉमेडी शो में भी कुछ ऐसा ही देखा गया था। शो में माता-पिता और महिलाओं को लेकर कॉमेडी के नाम पर आपत्तिजनक बातें कही गई थीं, लेकिन ऐसे एपिसोड के प्रसारण और कंटेंट को लेकर देश में कोई नियम नहीं है।
--आईएएनएस
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