The announcement of beautification of Dobhi pond is just a sham, the pond is filled with dirt due to government negligence: Buwaniwala-m.khaskhabar.com
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डोभी तालाब सौंदर्यकरण की घोषणा दिखावा, सरकारी लापरवाही के कारण गंदगी से अटा पड़ा तालाब : बुवानीवाला

khaskhabar.com: शनिवार, 13 सितम्बर 2025 6:00 PM (IST)
डोभी तालाब सौंदर्यकरण की घोषणा दिखावा, सरकारी लापरवाही के कारण गंदगी से अटा पड़ा तालाब : बुवानीवाला
भिवानी। डोभी तालाब के सौंदर्यकरण को लेकर प्रशासन ने जिन वादों के साथ घोषणा की थी, वह आज एक साल बाद भी केवल कागजी साबित होते नजर आ रहे हैं। ये बात हरियाणा कांग्रेस उद्योग सैल के चेयरमैन अशोक बुवानीवाला ने आज स्थानीय डोभी तालाब क्षेत्र का मुआयना करते हुए उपस्थित मीडिय़ा के समक्ष कहें। उन्होंने कहा कि तालाब की सूरत बदलने, उसे पर्यटन स्थल का रूप देने और स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन व स्वच्छता का केंद्र बनाने के नाम पर किए गए वादों का आज तक कोई अता-पता नहीं है। नतीजा यह है कि प्रशासन की लापरवाही से डोभी तालाब गंदगी, आवारा पशुओं, मच्छरों व गंदगी से फैली बिमारियों का अड्डा बन चुका है। बुवानीवाला ने कहा कि भाजपा सरकार ने बीते वर्ष बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि डोभी तालाब व अन्य तालाबों के चारों ओर पैदल पथ बनेगा, पार्किंग व्यवस्था होगी, तालाब का पानी साफ किया जाएगा, किनारों को मजबूत किया जाएगा और आसपास हरियाली विकसित की जाएगी। साथ ही, आधुनिक लाइटिंग व बुजुर्गों के बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। लेकिन एक साल बीतने के बावजूद न तो तालाब की सफाई हुई, न ही सौंदर्यकरण का कोई काम शुरू हुआ। उल्टे, तालाब के पानी में गंदगी बढ़ गई, किनारों पर झाडिय़ाँ उग आईं और जगह-जगह कचरा, प्लास्टिक व निर्माण से जुड़ा मलबा का अंबार लग गया है। लोगों को उम्मीद थी कि यह स्थान शहर की शान बनेगा, लेकिन यह अब उपेक्षा का प्रतीक बन चुका है। बुवानीवाला ने कहा कि तालाब के पास ऐतिहासिक गीता भवन, बाबा लोहड़पीर व हीरापुरी शिवालय एवं काली देवी मंदिर बने हुए है जो धार्मिक आस्था के केन्द्र है, उसके पास जमा गंदा पानी और कचरा अब स्थानीय लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। यहाँ मच्छरों व आवारा पशुओं का जमावड़ा हो चुका है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आस-पास रहने वाले परिवारों एवं दर्शन हेतू आने वाले श्रद्धालुओं को रोजाना गंदगी और बदबू का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि तालाब का मुद्दा केवल स्वच्छता का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला भी है। जब सरकार ने तालाब के सौंदर्यकरण और सफाई की जिम्मेदारी खुद ली थी, तो उसकी निष्क्रियता को जनता कैसे स्वीकार करे?
बुवानीवाला ने कहा कि सरकार केवल घोषणाएँ करता है, लेकिन धरातल पर काम नहीं करता। डोभी तालाब की वर्तमान स्थिति सरकार की लापरवाही और वादाखिलाफी का स्पष्ट प्रमाण है। जनता को उम्मीद थी कि यह स्थान शहर की सुंदरता और पहचान बनेगा, लेकिन आज यह गंदगी और असुविधा का प्रतीक बन गया है।

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