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मदनी का बयान निंदनीय, जिहाद का मतलब समाज या देश के खिलाफ लड़ाई नहीं : मौलाना अबरार जमाल

उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय भी हिंदू समाज ने मुसलमानों से कहा था कि यही आपका मुल्क है, हम आपकी हिफाजत करेंगे। ऐसे में हिंदुओं के खिलाफ जिहाद की बात करना निरर्थक और गलत है। कारी अबरार जमाल ने कहा कि ऐसे बयान देश के माहौल को खराब करते हैं और यह भारत की प्रगति के लिए भी ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है। ऐसे समय में जिहाद और आतंकवाद जैसे शब्दों को बढ़ावा देना समाज को गलत दिशा में ले जा सकता है।
उन्होंने मौलाना महमूद मदनी से अपील करते हुए कहा कि उन्हें मुसलमानों को राष्ट्रवाद और एकता का संदेश देना चाहिए, न कि समाज में विभाजन पैदा करने वाला विमर्श। उलेमा को आतंकवाद के खिलाफ सख्त फतवा जारी करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में पकड़ा जाता है तो हम उसका जनाजा नहीं पढ़ेंगे, और उसे कब्रिस्तान में दफनाने की जगह भी नहीं देंगे। -आईएएनएस
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