सीजफायर के बाद जल्द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर सकते हैं भारतीय फ्लैग्ड शिप, नेवी की तैनाती में कोई बदलाव नहीं

भारतीय नौसेना लगातार इस पूरे इलाके में मरीन ट्रैफिक और जहाजों पर हमलों की निगरानी गुरुग्राम स्थित आईएफसी-आईओआर (इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर – इंडियन ओशन रीजन) के माध्यम से कर रही है। आईएफसी-आईओआर एक मैरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर है, जिसे भारतीय नौसेना संचालित करती है। इस सेंटर से 28 देशों के कुल 76 लिंक जुड़े हुए हैं, जो संबंधित क्षेत्रों की रीयल-टाइम मैरिटाइम सिचुएशन और जानकारी उपलब्ध कराते हैं।
इस सेंटर के माध्यम से 24×7 जानकारी साझा की जाती है। इसमें समुद्री डकैती, ड्रोन हमले, अवैध गतिविधियों की निगरानी, जानकारी जुटाना, विश्लेषण करना और संबंधित देशों के साथ सूचना साझा करना शामिल है। वर्तमान में 14 अंतरराष्ट्रीय लियाजॉन अधिकारी इस सेंटर में तैनात हैं।
आईएफसी-आईओआर की ओर से मंगलवार को फारस की खाड़ी को लेकर 6 अप्रैल तक की एक रिपोर्ट जारी की गई। इसके मुताबिक, जंग शुरू होने से लेकर 6 अप्रैल तक फारस की खाड़ी से लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी तक कुल 30 घटनाएं रिपोर्ट हुईं। इनमें 23 जहाजों को निशाना बनाया गया, जिसमें 2 मिसाइल हमले, 3 ड्रोन हमले, 19 अज्ञात प्रोजेक्टाइल, 1 डब्ल्यूबीआईईडी, 1 संदिग्ध गतिविधि और 4 अन्य घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में कुल 10 लोगों की जान गई।
--आईएएनएस
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