Drug, land, and mining mafias are flourishing in Rajasthan: Tikaram Juli-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Jan 18, 2026 11:09 am
Location
 
   राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

राजस्थान में ड्रग्स, जमीन और खनन माफिया फल-फूल रहे हैं: टीकाराम जूली

khaskhabar.com: गुरुवार, 11 दिसम्बर 2025 7:52 PM (IST)
राजस्थान में ड्रग्स, जमीन और खनन माफिया फल-फूल रहे हैं: टीकाराम जूली
जयपुर। राजस्थान सरकार के दो साल पूरे होने पर विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सत्ताधारी भाजपा पर हमला बोला है और कांग्रेस विधायकों द्वारा बार-बार उठाए गए कई मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों में विधानसभा में कैमरों से जासूसी, राज्य में ड्रग माफिया का बढ़ना, स्थानीय निकाय चुनावों में देरी, 'राइजिंग राजस्थान' कार्यक्रम और शासन से जुड़ी कई अन्य चिंताएं शामिल हैं। जूली ने आरोप लगाया कि विपक्ष के लिए जगह सिकुड़ रही है और देश के अन्य हिस्सों की तरह ही राजस्थान में भी उनकी आवाजों को दबाया जा रहा है। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक इंटरव्यू में कई सवालों के जवाब दिए। सवाल: राज्य सरकार ने अपने दो साल पूरे कर लिए हैं। आप उसके प्रदर्शन का आकलन कैसे करते हैं?
जवाब: सरकार ने हमारे विधायकों द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों पर चुप्पी साध ली है, चाहे वह कैमरों के जरिए विधानसभा में जासूसी हो, ड्रग माफिया का बढ़ना हो, स्थानीय निकाय चुनावों में देरी हो, या 'राइजिंग राजस्थान' कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे हों। विपक्ष की आवाजों के लिए जगह सिकुड़ रही है। हमारे माइक बंद कर दिए जाते हैं, सवालों के जवाब नहीं मिलते, और स्पीकर भाजपा विधायकों का बचाव करते दिखते हैं। इसके बावजूद विधानसभा को लाइव देखने वाले लोगों ने कांग्रेस का समर्थन करना शुरू कर दिया है, और अंता की जीत इसका सबूत है।
सवाल: आपने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को लेकर बार-बार चिंता जताई है। मुख्य मुद्दा क्या है?
जवाब: केंद्र ने अभी तक पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया है, जैसा कि हाल ही में राज्यसभा के एक जवाब में पुष्टि हुई है। हम भाजपा से पूछना चाहते हैं कि आपने कितना बजट मंजूर किया और कितना खर्च किया? पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का बजट मूलरूप से कांग्रेस सरकार के तहत पास किया गया था। अब, अचानक टेंडर पास किए जा रहे हैं। केंद्र ने नाटक किया, पड़ोसी मुख्यमंत्री को बुलाया, प्रतीकात्मक समारोह किए और परियोजना का नाम बदल दिया, लेकिन एक भी पैसा खर्च नहीं किया। आज तक, केंद्र का योगदान शून्य है।
सवाल: सरकार का दावा है कि उसने एक लाख नौकरियां पैदा की हैं और पेपर लीक खत्म कर दिया है। आपका जवाब?
जवाब: उन्हें जनता को बताना चाहिए कि उन्होंने कौन से पद बनाए, किस तारीख को और कितने भरे गए। कांग्रेस के कार्यकाल में जो नौकरियां पैदा हुई थीं, जो पहले से ही पाइपलाइन में थीं, अब वे उनका श्रेय ले रहे हैं। पेपर लीक पर सबसे सख्त कानून कांग्रेस सरकार ने बनाए थे। भाजपा शासित हरियाणा, यूपी, एमपी और यहां तक ​​कि केंद्र में क्या हो रहा है? हर जगह पेपर लीक हो रहे हैं। एसआई पेपर लीक मामले में एसओजी, पुलिस और मंत्रियों सभी ने अलग-अलग बयान दिए, और मामला अब कोर्ट में है। वे मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।
सवाल: राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में आपका क्या आकलन है?
जवाब: आधिकारिक आंकड़े अच्छे लग सकते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है। हत्याएं, बलात्कार और अत्याचार की रोजाना घटनाएं हो रही हैं। ड्रग्स, जमीन और खनन माफिया फल-फूल रहे हैं। एफआईआर दर्ज करने में देरी होती है, और हमने लोगों को बार-बार जमीन पर विरोध प्रदर्शन करते देखा है।
सवाल: आपने विधानसभा प्रक्रियाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। असल में चिंताएं क्या हैं?
जवाब: यह सरकार महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बचती है। पिछले साल, बिजली, पानी और मेडिकल मुद्दों पर बहस की अनुमति नहीं दी गई थी। हमने विधानसभा के अंदर लगाए गए कैमरों के सबूत इकट्ठा किए हैं, और हम जल्द ही जासूसी की पूरी कहानी का खुलासा करेंगे। मेरा माइक बंद कर दिया गया था, और हमारे विधायकों को बोलने नहीं दिया जाता।
सवाल: आपने सरकार के प्रशासनिक कामकाज की भी आलोचना की है।
जवाब: मुख्यमंत्री को छोटे-छोटे फैसलों के लिए भी दिल्ली भागना पड़ता है। नौकरशाही अब दो पावर सेंटर्स से काम करती है, जिससे शासन प्रभावित हो रहा है। कोई नई योजना नहीं है। कर्ज बढ़ रहा है। हर नागरिक पर औसतन लगभग 1 लाख रुपए का कर्ज है। पुराने कर्ज चुकाने के लिए ही नए कर्ज लिए जा रहे हैं।
सवाल: भाजपा कांग्रेस के अंदर गुटबाजी का आरोप लगाती है। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
जवाब: कोई गुटबाजी नहीं है। हम एकजुट हैं और अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भाजपा को अपने अंदरुनी तनावों को देखना चाहिए, अंता के नतीजे यही दिखाते हैं।
सवाल: स्थानीय निकाय चुनाव एक बड़ा मुद्दा रहा है। आपका क्या विचार है?
जवाब: पांच साल तक चुनाव न होना एक गंभीर मुद्दा है। हर जगह प्रशासक नियुक्त किए जा रहे हैं। नोहर में, एक चेयरमैन को बिना सुने हटा दिया गया। कोर्ट ने बहाल कर दिया, और उन्हें फिर से सस्पेंड कर दिया गया। यह सरकार खुलेआम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रही है। पिछली कांग्रेस सरकार के तहत नियुक्त सरपंचों और प्रधानों को हटाया जा रहा है। हमारी आवाज दबाई जा रही है।
सवाल: प्रवासी दिवस और निवेश प्रोत्साहन पर आपकी क्या टिप्पणी है?
जवाब: हमने एनआरआई के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम शुरू किया था। इस सरकार ने कौन सी नई सुविधाएं दी हैं? प्रवासी दिवस सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम बनकर रह गया है। इन्वेस्टमेंट समिट में दर्जनों सवाल उठाए गए, लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला।
सवाल: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा खुद रेड कर रहे हैं। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
जवाब: उन्हें खुद रेड करनी पड़ी, क्योंकि उनका कोई और सुन नहीं रहा था।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement