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पंजाब में हुई एनआरपीसीसी की 10वीं बैठक में साइबर क्राइम और आंतरिक सुरक्षा पर मंथन

असल में एनआरपीसीसी का मकसद कोऑर्डिनेशन है। जैसे-जैसे अपराध और सुरक्षा के खतरे राज्यों की सीमाओं से आगे बढ़ रहे हैं, उभरते खतरों से निपटने के लिए प्रभावी इंटेलिजेंस शेयरिंग, एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित संयुक्त कार्रवाई बहुत जरूरी है।संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क, साइबर क्राइम, ऑनलाइन चरमपंथ और सुरक्षा से जुड़ी अन्य उभरती चुनौतियों के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई, समन्वित पुलिसिंग और अंतर-राज्यीय सहयोग की ताकत को दिखाती है।
पुलिस का कहना है कि आगे का रास्ता साफ है, जिसके तहत इंटेलिजेंस-आधारित पुलिसिंग और पॉलिसी मेकिंग को मजबूत करना, आंतरिक और सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करना, कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देना, जमीनी स्तर पर तैयारी बढ़ाना, ऑनलाइन चरमपंथ का मुकाबला करना, साइबर क्षमताओं को मजबूत करना, एजेंसियों के बीच तालमेल को संस्थागत बनाना, नियमित मॉक ड्रिल करना और मजबूत जांच व अभियोजन सुनिश्चित करना शामिल है।
पंजाब पुलिस के मुताबिक, एक सामूहिक पुलिसिंग बिरादरी के तौर पर हम इंटेलिजेंस शेयरिंग, समन्वित कार्रवाई और संयुक्त तैयारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एनआरपीसीसी सामूहिक रूप से समस्याओं के समाधान के लिए एक मजबूत मंच के तौर पर काम करता रहेगा, जिससे पुलिस फोर्स और सुरक्षा एजेंसियां उभरती चुनौतियों से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीख सकें, खुद को ढाल सकें और मिलकर काम कर सकें।
--आईएएनएस
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