मुख्य सचिव ने जनहितकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के दिये निर्देश

मुख्य सचिव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर नियंत्रण को सकारात्मक कदम बताया गया। इसी दिशा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की दिशा में कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो 2.0 और राजस्थान जन विश्वास अधिनियम 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन व जनकल्याणकारी योजनाओं की बेहतर संरचना एवं साक्ष्य आधारित नीति निर्माण के लिए “सीएम प्रमाण” पहल को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सेंट्रलाइज्ड क्वालिटी कंट्रोल लैब, भूमि बैंक के सुदृढ़ीकरण, जिला स्तर पर ग्रामीण महिला बीपीओ की स्थापना, शिक्षा क्षेत्र में “राज पहल” कार्यक्रम के प्रभावी संचालन तथा मुख्यमंत्री जन आवास योजना के अंतर्गत नवीन प्रोग्रेसिव पॉलिसी के क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
बैठक में राजकीय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में छात्रों एवं बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए राज्य सरकार की बजट घोषणाओं की गतिविधियों को तय समयसीमा में धरातल पर लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, उद्योग, स्कूल शिक्षा एवं नगरीय विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रमुख शासन सचिव स्तर पर वित्त, कृषि, विधि एवं विधिक कार्य तथा राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त शासन सचिव स्तर के कार्मिक, आयोजना, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
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